राहुल कुमार/न्यूज़11 भारत
शेरघाटी/डेस्क: डोभी थाना क्षेत्र के चर्चित दिव्या कुमारी पासवान हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. मामले के मुख्य आरोपित राहुल कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है. गिरफ्तारी के बाद उसे शेरघाटी लाकर पुलिस गहन पूछताछ कर रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में मिले तथ्यों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की कड़ी जोड़ी जा रही है. पूछताछ पूरी होने के बाद आरोपित को न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा.
शेरघाटी डीएसपी संदीप कुमार ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि राहुल कुमार यादव से हत्या की साजिश, घटना में सहयोग करने वालों और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर लगातार पूछताछ की जा रही है. पुलिस का दावा है कि पूछताछ से कई अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है, जिससे पूरे घटनाक्रम का खुलासा और मजबूत होगा.
कई दिनों से चल रही थी तलाश
पुलिस के अनुसार, एलएलबी की छात्रा दिव्या कुमारी पासवान की हत्या के बाद मुख्य आरोपित राहुल कुमार यादव लगातार फरार चल रहा था. उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही थी. तकनीकी अनुसंधान, मोबाइल लोकेशन और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आखिरकार उसे गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब जांच का फोकस हत्या की पूरी साजिश, घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और वारदात के क्रम को स्पष्ट करने पर है. यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी.
प्रेम संबंध और पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह
पुलिस जांच में सामने आया है कि दिव्या कुमारी और राहुल यादव के बीच पूर्व से प्रेम संबंध था. बाद में दोनों के बीच विवाद बढ़ गया था. दिव्या ने राहुल के खिलाफ पहले शेरघाटी थाना में मामला भी दर्ज कराया था, जिसके चलते राहुल को जेल जाना पड़ा था. पुलिस का मानना है कि इसी रंजिश के कारण हत्या की साजिश रची गई.
जांच के अनुसार 24 जून को राहुल यादव दिव्या को बहाने से अपने साथ लेकर झारखंड के चतरा जिले के हंटरगंज क्षेत्र पहुंचा. वहां पहले से बनाई गई योजना के तहत उसकी हत्या कर दी गई. हत्या के बाद पहचान छिपाने की नीयत से शव को जजलो स्थित बंद पत्थर खदान में फेंक दिया गया.
खदान में मिला था शव, एसआईटी ने सुलझाई गुत्थी
26 जून को हंटरगंज थाना क्षेत्र के जजलो स्थित बंद पत्थर खदान से युवती का शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी. शुरुआत में शव की पहचान नहीं हो सकी थी, लेकिन बाद में उसकी पहचान गया जिले के डोभी थाना क्षेत्र के अच्छावां गांव निवासी 23 वर्षीय दिव्या कुमारी पासवान के रूप में हुई.
चतरा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीपीओ सन्नी वर्धन के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और अन्य तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच की. जांच के दौरान गया जिले के नेपाली गंझू को गिरफ्तार किया गया था. पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर पुलिस मुख्य आरोपित राहुल यादव तक पहुंचने में सफल रही.
हत्या के बाद भड़का था जनाक्रोश
दिव्या हत्याकांड ने गया और शेरघाटी अनुमंडल सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी जनाक्रोश पैदा कर दिया था. विभिन्न सामाजिक संगठनों और छात्र संगठनों ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर कड़ी सजा देने की मांग की थी. कई स्थानों पर कैंडल मार्च निकालकर दिव्या को श्रद्धांजलि दी गई थी तथा प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन भी हुए थे.
नेताओं और जांच समिति ने भी की थी मुलाकात
घटना के बाद केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय दिलाने का भरोसा दिया था. उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निष्पक्ष जांच कर शीघ्र कार्रवाई करने का आग्रह किया था.
वहीं, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान के निर्देश पर गठित जांच समिति भी गांव पहुंची थी. समिति ने परिजनों से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली और प्रशासन से दोषियों पर कठोर कार्रवाई तथा निष्पक्ष जांच की मांग की थी.
24 जून से लापता थी दिव्या
परिजनों के अनुसार, 24 जून को दिव्या कुमारी रहस्यमय परिस्थितियों में घर से लापता हो गई थी. काफी खोजबीन के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई. दो दिन बाद झारखंड के चतरा जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र स्थित पानी से भरी बंद खदान से उसका शव बरामद हुआ. शव मिलने के बाद हत्या की आशंका गहराई और पुलिस ने जांच तेज कर दी.
परिजनों ने लगाया था सुनियोजित हत्या का आरोप
दिव्या के परिजनों का आरोप है कि पहले से दर्ज मामले में गवाही को प्रभावित करने और पुरानी रंजिश के कारण उसकी हत्या की गई. उन्होंने शुरू से ही राहुल कुमार यादव सहित अन्य लोगों को नामजद करते हुए साजिश के तहत हत्या किए जाने का आरोप लगाया था तथा उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी.
कई पहलुओं पर चल रही जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राहुल यादव से पूछताछ के दौरान हत्या की पूरी साजिश, घटना में प्रयुक्त वाहन, सहयोगियों की भूमिका और वारदात के बाद की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है. वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं. पूछताछ में यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी.
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