न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: पटना के सबसे बड़े अस्पताल पीएमसीएच (PMCH) परिसर से एक बार फिर डराने वाली खबर सामने आई है। गुरुवार को अस्पताल के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में अचानक भीषण आग लग गई। जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय विभाग में दो पालियों (शिफ्ट) में परीक्षाएं चल रही थीं। कमरे से तेज धुआं और लपटें उठती देख परीक्षार्थियों और स्टाफ के बीच चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में लोग जान बचाकर बाहर की तरफ भागे। स्थिति बिगड़ती देख तुरंत पूरे परिसर की बिजली काटी गई, लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी।
फायर ब्रिगेड की 7 गाड़ियों ने पाया काबू, लाखों का नुकसान
घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग एक्शन में आया। जिला फायर कमांडेंट रितेश पांडेय के मुताबिक, दोपहर करीब 2:10 बजे कंट्रोल रूम को हादसे की खबर मिली थी। आग की गंभीरता को देखते हुए मौके पर एक-एक कर कुल 7 दमकल वाहनों को भेजा गया। काफी मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया। माइक्रोबायोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. प्रत्युल नंदन ने बताया कि इस अग्निकांड में विभाग के जरूरी दस्तावेज, कीमती दवाइयां, टेस्टिंग केमिकल्स और फर्नीचर जलकर पूरी तरह स्वाहा हो गए हैं।
शॉर्ट-सर्किट की आशंका, जांच के आदेश
प्रारंभिक तफ्तीश में इस हादसे की वजह बिजली का शॉर्ट-सर्किट माना जा रहा है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसके पीछे के असली कारणों का पता लगाने के लिए एक उच्च स्तरीय और विस्तृत जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
लगातार हो रहे हादसों से सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
पीएमसीएच जैसे बड़े अस्पताल में बार-बार होने वाले ये अग्निकांड अब सुरक्षा दावों की पोल खोल रहे हैं। खुद फायर कमांडेंट ने माना कि कैंपस के भीतर आग से निपटने के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं, यही वजह है कि वहां पहले से एक दमकल गाड़ी तैनात रखनी पड़ती है।
चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले कुछ महीनों में ही यहाँ आग लगने की यह चौथी घटना है:
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इसी माइक्रोबायोलॉजी विभाग में पहले भी आग लगी थी, जिसे समय रहते दबा दिया गया।
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पैथोलॉजी विभाग में आग लगने से कई महत्वपूर्ण मशीनें और रिकॉर्ड जल गए थे।
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गायनी (स्त्री एवं प्रसूति) विभाग की पुरानी बिल्डिंग में भी आग लग चुकी है।
