न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
नमो नारायण मिश्रा / गोपालगंज : बिहार में शिक्षक भर्ती के चौथे चरण यानी TRE-4 को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच BPSC ने बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। आयोग ने इस बात का खंडन किया है कि शिक्षा विभाग की ओर से भेजी गई TRE-4 की अधियाचना को BPSC ने वापस कर दिया है। हालांकि आयोग ने यह जरूर स्पष्ट किया है कि शिक्षा विभाग से प्राप्त अधियाचना में कुछ त्रुटियां थीं, जिन्हें दूर करने के लिए शिक्षा विभाग को पत्र लिखा गया है। आयोग का कहना है कि जब तक अधियाचना में सुधार कर उसे दोबारा नहीं भेजा जाता, तब तक TRE-4 का विज्ञापन जारी करना संभव नहीं है।
TRE-4 शिक्षक भर्ती को लेकर पिछले कुछ दिनों से तरह-तरह की चर्चाएं सामने आ रही थीं। इसी बीच BPSC की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्थिति स्पष्ट की गई है।
BPSC ने कहा है कि आयोग ने शिक्षा विभाग की ओर से भेजी गई TRE-4 की अधियाचना को वापस नहीं किया है। हालांकि अधियाचना में कुछ त्रुटियां पाई गई हैं, जिसे लेकर शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर आवश्यक सुधार करने को कहा गया है।
आयोग के मुताबिक, शिक्षा विभाग की ओर से जब संशोधित अधियाचना प्राप्त होगी, उसके बाद ही TRE-4 के विज्ञापन की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भी इस पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि TRE-4 की अधियाचना में त्रुटि के निवारण को लेकर प्राथमिक शिक्षा निदेशक के पास BPSC की ओर से पत्र आया था। उस त्रुटि को ठीक करके भेज दिया गया है।
मंत्री ने कहा कि TRE-4 में कुछ छूटे हुए विषयों को लेकर अगले एक-दो दिनों में सप्लीमेंट्री अधियाचना भी BPSC को भेज दी जाएगी। इसके बाद आयोग के लिए परीक्षा की तिथि घोषित करने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि BPSC अपनी तैयारी में लगा हुआ है और इस संबंध में उनकी आयोग के अध्यक्ष से व्यक्तिगत तौर पर बातचीत भी हुई है।
यानी TRE-4 को लेकर फिलहाल विज्ञापन जारी होने में देरी का कारण अधियाचना वापस होना नहीं, बल्कि उसमें मौजूद त्रुटियों का सुधार और कुछ छूटे हुए विषयों की सप्लीमेंट्री अधियाचना है। शिक्षा विभाग की ओर से प्रक्रिया पूरी होने के बाद BPSC की ओर से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
