Voice of Eastern India

बिहार के इस गांव में तीसरी बार बह गई पुलिया, 12 गांवों का टूटा संपर्क


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
राहुल कुमार / शेरघाटी:
नक्सल प्रभावित इमामगंज प्रखंड के मंझौली पंचायत के जीवातरी गांव के समीप भूतही नदी पर बनी अस्थायी पुलिया एक बार फिर बारिश के पानी का दबाव नहीं झेल सकी। बुधवार को हुई हल्की बारिश के बाद नदी का जलस्तर बढ़ते ही करीब 10 दिन पहले ह्यूम पाइप के सहारे बनाई गई पुलिया तेज बहाव में बह गई। पुलिया बहने से करीब 12 गांवों के लोगों का आवागमन बाधित हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस वर्ष एक ही स्थान पर तीसरी बार पुलिया बह चुकी है, बावजूद इसके स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

पुलिया के बह जाने से निजामडीह, जिरवातरी उमन, मल्लाह टोला, बाघा डावर, कलामी सहित आसपास के करीब 12 गांवों के ग्रामीणों के समक्ष आवागमन का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों को नदी पार कर मुख्य सड़क तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। खासकर स्कूली बच्चों, किसानों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

बारिश होते ही ध्वस्त हो जाती है व्यवस्था

ग्रामीणों के अनुसार, भूतही नदी पर बनी यह पुलिया क्षेत्र के दर्जनों गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है। बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ते ही पानी का बहाव तेज हो जाता है। ऐसे में ह्यूम पाइप के सहारे तैयार की गई अस्थायी पुलिया पानी का दबाव नहीं झेल पाती और बह जाती है।

ग्रामीणों का कहना है कि इस वर्ष पहले भी इसी स्थान पर दो बार पुलिया बनाई गई थी। दोनों बार बारिश के बाद नदी में पानी बढ़ने पर पुलिया बह गई। इसके बाद करीब 10 दिन पहले फिर से ह्यूम पाइप डालकर पुलिया तैयार की गई थी। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि इस बार आवागमन की समस्या कुछ समय के लिए दूर हो जाएगी, लेकिन हल्की बारिश के बाद ही तीसरी बार पुलिया बह गई।

निर्माण की गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल

बार-बार पुलिया बहने से ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि एक ही वर्ष में तीन बार पुलिया बह रही है तो निर्माण की गुणवत्ता और योजना की तकनीकी मजबूती पर सवाल उठना स्वाभाविक है। नदी के बहाव और बरसात की स्थिति की जानकारी पहले से होने के बावजूद हर बार अस्थायी व्यवस्था करना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है।

मंझौली निवासी डॉ. कृष्ण प्रसाद ने बताया कि क्षेत्र में हुई बारिश के बाद भूतही नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। पानी का बहाव तेज होने के कारण ह्यूम पाइप के सहारे बनाई गई पुलिया पानी का दबाव नहीं झेल सकी और बह गई। उन्होंने कहा कि हर साल इसी तरह की समस्या उत्पन्न होती है। ऐसे में बार-बार अस्थायी पुलिया बनाने के बजाय नदी के बहाव को ध्यान में रखते हुए मजबूत और स्थायी पुलिया का निर्माण कराया जाना चाहिए।

स्कूल, बाजार और अस्पताल जाने में परेशानी

पुलिया बहने के बाद ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो गई है। स्कूली बच्चों को स्कूल पहुंचने में परेशानी हो रही है। किसानों को खेतों तक पहुंचने और कृषि कार्य के लिए जरूरी सामान लाने-ले जाने में कठिनाई हो रही है। वहीं ग्रामीणों को बाजार, अस्पताल और प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ सकता है।

ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दौरान नदी का जलस्तर और बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे में यदि समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो समस्या और गंभीर हो सकती है।

स्थायी पुलिया निर्माण की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों से भूतही नदी पर मजबूत एवं स्थायी पुलिया का निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि हर वर्ष बारिश के समय पुलिया बहने और गांवों का संपर्क टूटने की समस्या सामने आती है। इसके बावजूद स्थायी समाधान नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि बारिश और नदी के बहाव को देखते हुए ऐसी पुलिया का निर्माण होना चाहिए, जो सामान्य बरसात के साथ-साथ तेज पानी के दबाव को भी सह सके। उनका कहना है कि अब केवल पुलिया बनाने की जरूरत नहीं है, बल्कि ऐसी स्थायी व्यवस्था जरूरी है जिससे बरसात के मौसम में भी करीब 12 गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से बना रहे।
 

Source link



Source link

Leave A Reply

Your email address will not be published.