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बिहार सरकार का बड़ा फैसला, अब राज्य कर्मचारियों के खिलाफ जांच के लिए सीबीआई को…


न्यूज 11 भारत/बिहार डेस्क
अश्मित सिन्हा/बिहार डेस्क:
बिहार सरकार ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, बिहार सरकार के किसी सेवक या राज्य सरकार से जुड़े संस्थानों के कर्मचारियों के खिलाफ CBI जांच शुरू करने से पहले राज्य सरकार की पूर्व सहमति लेना जरूरी होगा।

नई अधिसूचना के तहत बिहार सरकार के कार्य से संबंधित लोक सेवकों के खिलाफ CBI यानी दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना द्वारा जांच के लिए राज्य सरकार की पूर्व सहमति जरूरी होगी। इसी तरह बिहार सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण वाले निगम, कंपनी, बैंक और राज्य से वित्तीय सहायता प्राप्त संस्थानों से जुड़े मामलों में भी CBI को सीधे जांच की अनुमति नहीं होगी।

हर मामले में राज्य सरकार लेगी फैसला

अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि CBI की ओर से जांच की अनुमति के लिए प्रस्ताव मिलने के बाद राज्य सरकार प्रत्येक मामले पर विचार करेगी। इसके बाद यह तय किया जाएगा कि संबंधित मामले में दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना को जांच की शक्ति और अधिकार क्षेत्र दिया जाए या नहीं।

केंद्र से जुड़े मामलों में नहीं लगेगी रोक

हालांकि नई व्यवस्था में केंद्र सरकार के कर्मचारियों और भारत सरकार के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से जुड़े मामलों को अलग रखा गया है। बिहार की सीमा में कार्यरत केंद्र सरकार या उसके अधीन सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों तथा ऐसे निजी व्यक्तियों के मामलों में अलग से राज्य सरकार की अनुमति जरूरी नहीं होगी, जो केंद्र के सीधे नियंत्रण से जुड़े अपराधों में शामिल हों।

BNS, IT Act और भ्रष्टाचार के मामलों पर भी लागू

नई सहमति भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामलों पर लागू होगी। अधिसूचना में कहा गया है कि इस आदेश ने इस विषय पर जारी बिहार सरकार की पिछली सभी अधिसूचनाओं को अधिक्रमित कर दिया है। राज्यपाल के आदेशानुसार गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार की ओर से अधिसूचना जारी की गई है।

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