विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 के विरोध में शिक्षक और नॉन-टीचिंग स्टाफ ने आज पटना में विरोध प्रदर्शन किया।
न्यूज11 भारत/बिहार डेस्क
अश्मित सिन्हा/पटना: पटना के जेडी वीमेंस कॉलेज के गेट पर शनिवार को महिला विश्वविद्यालयों के गठन के विरोध में शिक्षक-शिक्षिकाओं और नॉन-टीचिंग स्टाफ ने प्रदर्शन किया। ये सभी लोकभवन मार्च निकालने की तैयारी में थे। हालांकि उससे पहले ही पुलिस ने सभी शिक्षकों को डिटेन कर लिया।
इस दौरान सभी शिक्षक और नॉन-टीचिंग स्टाफ ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान ‘एक जीरा दो अजवाइन, मुख्यमंत्री दो रिजाइन’ के भी नारे लगाए गए।
कॉलेज से शिक्षकों के निकलने के दौरान पुलिस ने मुख्य दरवाजे को बंद कर दिया था। इस बीच पुलिस और शिक्षकों के बीच जमकर बहसबाजी और झड़प भी हुई। बाद में शिक्षक गेट खोलकर आगे बढ़े लेकिन पुलिस ने उन्हें डिटेन कर लिया।
कुछ शिक्षिकाएं पुलिस मुख्यालय के बाहर जाकर बैठ गई और वहां धरना प्रदर्शन करने लगी। SDM द्वारा उन्हें लगातार हटने को कहा जा रहा था, बाद में उन शिक्षकाओं को भी डिटेन किया गया।
माता सीता विश्वविद्यालय और बेगूसराय में दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा के बाद कैबिनेट से मिली स्वीकृति का हवाला देते हुए कहा कि माता सीता विश्वविद्यालय में पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के सभी अंगीभूत महिला महाविद्यालयों को शामिल करने तथा दिनकर विश्वविद्यालय में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय एवं मुंगेर विश्वविद्यालय के कई अंगीभूत महाविद्यालयों को शामिल करने की घोषणा की गई है।
मोर्चा ने इसे विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता प्रभावित करने वाला कदम बताते हुए महिला महाविद्यालयों को दूसरे विश्वविद्यालयों में शामिल नहीं करने और नए विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 को पारंपरिक विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों पर लागू नहीं करने की मांग की है।
काला बिल्ला लगाकर काम करेंगे शिक्षक-कर्मचारी
इस आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से करने के लिए सभी शिक्षक और नॉन-टीचिंग स्टाफ ने 16 अक्टूबर तक विरोध प्रदर्शन करने का फैसला लिया था। इसके तहत सभी शिक्षक और कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर अपने काम करेंगे। इसके अलावा रोजाना दोपहर 2 बजे से 2:30 बजे तक अपने-अपने संस्थानों के मुख्य द्वार के बाहर सड़क पर मानव शृंखला बनाकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे।
