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पटना में जाली डिग्री के दम पर बैंक में बना असिस्टेंट मैनेजर, 7 साल बाद खुला राज तो पुलिस ने धर दबोचा


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: बिहार की राजधानी पटना में जाली दस्तावेजों के सहारे सरकारी और कॉपरेटिव सिस्टम को चूना लगाने वाले एक बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ है। पटना की गांधी मैदान थाना पुलिस ने पाटलिपुत्र सेंट्रल कॉपरेटिव बैंक में फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर ‘असिस्टेंट मैनेजर’ (सहायक प्रबंधक) की नौकरी हथियाने वाले मुख्य आरोपी उत्तम कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी मूल रूप से नालंदा जिले के सिलाव का रहने वाला है। डिग्री फर्जी पाए जाने के बाद बैंक प्रशासन ने उसे पहले ही सस्पेंड कर दिया था, और अब वह जेल की सलाखों के पीछे है।

यूनिवर्सिटी के एक पत्र ने खोल दी 2019 से चल रही जालसाजी

पूरा मामला तब उजागर हुआ जब बैंक प्रबंधन ने कागजातों की रूटीन जांच शुरू की। जानकारी के अनुसार, उत्तम कुमार ने 25 नवंबर 2019 को बैंक में सहायक प्रबंधक के पद पर जॉइनिंग ली थी। नौकरी पाते वक्त उसने ‘मानव भारती विश्वविद्यालय’ की ग्रेजुएशन (स्नातक) की डिग्री जमा की थी।

  • ऐसे खुली पोल: बैंक ने जब इस डिग्री की सत्यता जांचने के लिए संबंधित यूनिवर्सिटी को सर्टिफिकेट भेजा, तो वहां से आए जवाब ने सबके होश उड़ा दिए। विश्वविद्यालय प्रशासन ने लिखित में साफ कर दिया कि यह डिग्री पूरी तरह जाली है और उत्तम कुमार नाम का कोई भी छात्र कभी उनके संस्थान में पढ़ा ही नहीं है।

बैंक अधिकारी ने दर्ज कराई थी FIR, तभी से फरार था आरोपी

सत्यापन में महाधोखाधड़ी सामने आने के बाद पाटलिपुत्र सेंट्रल कॉपरेटिव बैंक लिमिटेड के विकास पदाधिकारी हिमांशु भूषण ने तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने बीते 13 मई 2026 को पटना के गांधी मैदान थाने में आरोपी के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कराई थी। मामला दर्ज होते ही उत्तम कुमार अपनी गिरफ्तारी के डर से छिप रहा था।

कारगिल चौक पर पुलिस ने बिछाया जाल, भेजा गया जेल

मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही गांधी मैदान थाने की पुलिस लगातार आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी। इसी बीच पुलिस को पुख्ता इनपुट मिला कि आरोपी पटना के ही कारगिल चौक के पास किसी काम से आया हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी की और आरोपी को रंगे हाथों दबोच लिया।

गांधी मैदान के थाना प्रभारी अखिलेश कुमार मिश्रा ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी उत्तम कुमार के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इस फर्जी डिग्री को बनवाने में और कौन-कौन से रैकेट शामिल थे।

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