न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क (रोहित, पटना) बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहा अभियान अब और तेज हो गया है। विभाग के मुखिया डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल के निर्देश पर एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की गई है। भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और काम में लापरवाही बरतने के आरोप में विभाग ने 10 और अधिकारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया है। मंत्री के इस ताबड़तोड़ फैसले से पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है।
दाखिल-खारिज और सरकारी जमीन के मामलों में पाई गई गंभीर अनियमितता
विभागीय सूत्रों के अनुसार, जिन 10 अधिकारियों पर गाज गिरी है, उन पर आम जनता से रिश्वत लेने, दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के मामलों को बेवजह अटकाने या उसमें गड़बड़ी करने तथा सरकारी भूमि से जुड़े मामलों में भारी लापरवाही और अनियमितता बरतने के गंभीर आरोप हैं। शुरुआती जांच में दोषी पाए जाने के बाद इन सभी के खिलाफ विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई (Disciplinary Action) शुरू कर दी गई है।
एक महीने में 60 पर गिरी गाज, ‘जीरो टॉलरेंस’ मोड में विभाग
राजस्व विभाग इस समय भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरी तरह से ‘जीरो टॉलरेंस’ मोड में काम कर रहा है। सख्त तेवर अपनाते हुए विभाग पिछले महज एक महीने के भीतर अब तक 60 से अधिक भ्रष्ट और कामचोर अधिकारियों-कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई कर चुका है। राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने साफ संकेत दे दिए हैं कि जनता को परेशान करने वाले और रिश्वत मांगने वाले किसी भी कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा।
आम जनता को राहत, बिचौलियों और भ्रष्ट तंत्र पर कड़ा प्रहार
राजस्व विभाग में लगातार हो रही इस कार्रवाई का जमीन से जुड़े मामलों के चक्कर काट रहे आम लोगों ने स्वागत किया है। लंबे समय से दाखिल-खारिज और जमीन की मापी जैसे कामों के लिए लोगों को दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। जानकारों का मानना है कि मंत्री के इस कड़े रुख से न सिर्फ बिचौलियों के सिंडिकेट पर चोट लगेगी, बल्कि सरकारी दफ्तरों में कार्यप्रणाली में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
