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93% घरों तक पहुंचा शुद्ध पेयजल, AI से होगी रियल टाइम निगरानी


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 

पूजा शर्मा ( संवाददाता ) / पटना –  बिहार में “हर घर नल का जल” योजना ग्रामीण विकास और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आई है। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के अनुसार राज्य के 93 प्रतिशत से अधिक परिवारों तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा चुकी है। विभाग के मंत्री संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि यह योजना तेजी से ग्रामीण इलाकों में जीवन स्तर सुधारने का काम कर रही है और सरकार का लक्ष्य हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाना है। वर्तमान में लाखों गांवों और वार्डों में पाइपलाइन आधारित जलापूर्ति व्यवस्था सक्रिय रूप से काम कर रही है।

हाइलाइट्स- 

  • बिहार में 93% से अधिक परिवारों तक नल का जल पहुंचा
  • 1.87 करोड़ से ज्यादा घरों में पेयजल आपूर्ति
  • 1.14 लाख वार्डों में जल योजनाएं सक्रिय
  • आर्सेनिक, फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष फोकस
  • AI और IoT आधारित रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम लागू
  • हीट वेव के लिए 475 वाटर टैंकर, 15 वाटर एटीएम और जलदूत तैनात
  • 1.5 लाख शिकायतों का अधिकांश समय पर समाधान
     

2 करोड़ से अधिक परिवारों तक पहुंच का लक्ष्य, बड़े पैमाने पर विस्तार जारी

मंत्री ने बताया कि वर्ष 2016 में जहां केवल 2 लाख 66 हजार परिवारों को ही नल का जल उपलब्ध था, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 1 करोड़ 87 लाख से अधिक परिवारों तक पहुंच चुकी है। सरकार का लक्ष्य इसे 2 करोड़ 2 लाख परिवारों तक विस्तारित करने का है। इस योजना के तहत राज्य के 1 लाख 14 हजार से अधिक वार्डों में जलापूर्ति परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। आर्सेनिक, फ्लोराइड और आयरन प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देते हुए सतही जल आधारित बहुग्रामीण योजनाएं लागू की गई हैं। भागलपुर, वैशाली, बक्सर, बेगूसराय, भोजपुर, नालंदा और नवादा जैसे जिलों में गंगा, सोन और अन्य नदियों के माध्यम से जल आपूर्ति को मजबूत किया जा रहा है। कई बड़ी योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि अन्य तेजी से निर्माणाधीन हैं।

AI आधारित मॉनिटरिंग और आपातकालीन व्यवस्था से मजबूत हुई जल आपूर्ति प्रणाली

लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने जल गुणवत्ता की निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए राज्य से लेकर अनुमंडल स्तर तक प्रयोगशालाओं का नेटवर्क तैयार किया है, जहां BIS मानकों के अनुसार पानी की नियमित जांच की जा रही है। इसके अलावा CGRC प्रणाली, मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप आधारित शिकायत निवारण तंत्र से नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है। अगस्त 2025 से मई 2026 के बीच करीब डेढ़ लाख शिकायतों का निपटारा किया गया है। विभाग ने IoT आधारित रियल टाइम मॉनिटरिंग, PayJal ऐप और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए योजनाओं की निगरानी शुरू की है। हीट वेव को देखते हुए 475 वाटर टैंकर, 15 वाटर एटीएम और जलदूतों की तैनाती की गई है। सरकार ने 2026-27 के लिए 100 नए वाटर एटीएम लगाने और 24 घंटे में खराबी ठीक करने का लक्ष्य भी तय किया है।

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