न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क : बिहार सरकार ऐसे लोगों का नाम राशन कार्ड की लिस्ट से हटा रही है, जिनकी महीने की कमाई 10 हजार से ज्यादा है। इन्हें अब हर महीने प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज (चावल और गेहूं) नहीं दिया जाएगा। ऐसे 57 लाख लोगों के नाम राशन कार्ड से काट दिए जाएंगे। अब तक कुल 30 लाख लोगों के नाम हटाए जा चुके हैं। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले अभियान चलाकर 8.5 लाख, जबकि 2020 विधानसभा चुनाव से पहले 23.39 लाख नए राशन कार्ड बनवाए गए थे। यानी दो चुनावों को जीतने के लिए 32 लाख नए राशन कार्ड बनवाए गए थे। अब चुनाव जीतने के बाद 57 लाख लोगों के नाम काटे जाने की तैयारी शुरू हो गई है। सूत्रों की मानें तो बिहार में 57 लाख से अधिक फर्जी राशन लाभार्थी हैं, जिमके नाम राशन कार्ड की लिस्ट से हटाने हैं।
14 जिलों में हटा फर्जी लाभार्थियों का नाम
बिहार के 14 जिलों में फर्जी लाभार्थियों के नाम हटाने की कार्रवाई पूरी कर ली गई है। ये जिले अररिया, अरवल, औरंगाबाद, बांका, गोपालगंज, जमुई, किशनगंज, लखीसराय, मधुबनी, नवादा, रोहतास, सहरसा, समस्तीपुर और शेखपुरा हैं।
इन जिलों में सबसे ज्यादा सस्पेक्टेड लाभार्थी
बिहार के सबसे अधिक सस्पेक्टेड बेनिफिशियरी वाले जिला में पटना, वैशाली, समस्तीपुर, गया, सिवान, सारण, पश्चिम चंपारण, भागलपुर और मधुबनी शामिल है।
चुनाव के पहले जोड़े गए थे नाम
बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले तब की नीतीश सरकार ने कैंप लगा-लगाकर राशन कार्ड बनवाए थे। तब कुल 8.5 लाख से ज्यादा नए राशन कार्ड बने थे। साल 2020 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले लगभग 23.39 लाख नए राशन कार्ड बनाए गए थे। राज्य सरकार ने कोरोना काल में गरीब परिवारों को राहत देने के लिए तेजी से नए राशन कार्ड बनाए थे।
