ड्यूटी पर तैनात RPF जवान की हत्या क्यों हुई? भागलपुर पुलिस ने सुलझाई मर्डर मिस्ट्री, चोरों के गैंग से जुड़ा है पूरा मामल
न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क( शंभू, भागलपुर)बिहार के भागलपुर में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के लापता जवान धर्मेंद्र कुमार की सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने महज कुछ ही दिनों में सफल खुलासा कर दिया है। सबौर थाना क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान गायब हुए जवान धर्मेंद्र कुमार को न्याय दिलाने के लिए पुलिस की विशेष टीम लगातार काम कर रही थी। विधि-व्यवस्था डीएसपी नवनीत कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए बताया कि जवान की हत्या किसी व्यक्तिगत रंजिश में नहीं, बल्कि मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभाने के कारण की गई थी।
फर्ज की राह में शहादत: अपराधियों की चोरी का विरोध करने पर उतारा मौत के घाट
पुलिस अनुसंधान में इस खौफनाक वारदात के पीछे की जो वजह सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है।
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27 मई 2026 को लापता होने से पहले जवान धर्मेंद्र कुमार ट्रेन में सक्रिय अपराधियों से भिड़ गए थे। उन्होंने बोगी में चोरी कर रहे गैंग का डटकर विरोध किया।
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RPF जवान के इस कड़े विरोध से अपराधी पूरी तरह बौखला गए। उन्होंने पहले धर्मेंद्र कुमार का अपहरण किया और फिर बेरहमी से उनकी हत्या कर दी।
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हत्या के बाद अपराधियों ने साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को सबौर थाना क्षेत्र के शंकरपुर पुल के पास फेंक दिया था, जिसे बाद में पुलिस ने तलाशी के दौरान बरामद किया।
SIT की जांच और तकनीकी साक्ष्यों से खुला राज, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
लापता जवान की प्राथमिकी (FIR) दर्ज होने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के कड़े निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था। टीम ने वैज्ञानिक और पारंपरिक दोनों तरीकों से तफ्तीश को आगे बढ़ाया:
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पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले, मोबाइल टावर लोकेशन ट्रैकिंग की और तकनीकी साक्ष्यों (Technical Evidence) की मदद से अपराधियों तक पहुंचने का रास्ता साफ किया।
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इस छानबीन के बाद पुलिस ने लैलख (सबौर) के रहने वाले मुख्य आरोपी चिकु यादव को दबोच लिया है।
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गिरफ्तार आरोपी से जब पुलिसिया अंदाज में कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसकी निशानदेही पर मृतक जवान धर्मेंद्र कुमार की वर्दी का ‘बेल्ट कोड’ और उनके जलाए गए कपड़े बरामद कर लिए गए हैं, जो अदालत में उन्हें कड़ी सजा दिलाने के लिए सबसे ठोस सबूत हैं।
बाकी बचे आरोपियों की उल्टी गिनती शुरू, जल्द होंगे सलाखों के पीछे
डीएसपी नवनीत कुमार ने साफ तौर पर कहा कि इस जघन्य हत्याकांड में शामिल अन्य सभी अपराधियों को पूरी तरह से चिन्हित (Identify) कर लिया गया है। पुलिस की अलग-अलग टीमें उनके संभावित ठिकानों पर लगातार ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं। भागलपुर पुलिस का दावा है कि बहुत जल्द बाकी बचे तमाम सह-आरोपियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा और मामले में स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को कानून के तहत सख्त से सख्त सजा सुनिश्चित कराई जाएगी।
