न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क: कर्नाटक के बेंगलुरु साउथ तालुक इलाके में गुरुवार सुबह पत्थर खदान में 40 फीट ऊंचाई से चट्टान गिरने से बिहार के 7 मजदूरों की मौत हो गई। हादसे के समय खदान में करीब 18 मजदूर काम कर रहे थे। इस हादसे में कई अन्य मजदूर घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, घायलों की सटीक संख्या की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पुलिस चट्टान गिरने की वजह की जांच कर रही
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मलबा हटाने का काम जारी है। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं अन्य मजदूर उसके नीचे तो नहीं दबे हैं। पुलिस के मुताबिक, सभी मृतक दिहाड़ी मजदूर थे और स्टोन क्रशर साइट पर काम कर रहे थे। सभी मृतक बिहार के रहने वाले थे। उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। चट्टान गिरने की वजह और खदान में सुरक्षा मानकों के पालन की जांच की जा रही है।
सम्राट चौधरी ने जताया दुख
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हादसे पर खेद जताते हुए पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने X पर लिखा, “बेंगलूरु के दक्षिण तालुक स्थित मदापट्टना की पत्थर खदान में हुए भीषण हादसे में बिहार के प्रवासी श्रमिक भाइयों के असामयिक निधन का समाचार अत्यंत हृदयविदारक है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। इस कठिन घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएं शोक-संतप्त परिवारों के साथ हैं।”
राज्यपाल ने जताया शोक
इस हादसे पर बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने गहरा शोक जताया है। उन्होंने कहा- बिहार के अनेक श्रमिकों की मौत का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की अपील की।
CM बोले- खदान के लिए जारी करेंगे गाइडलाइन
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने भी हादसे पर दुख जताया। उन्होंने कहा, ‘आज पत्थर की खदान में एक दुखद घटना हुई है। सभी अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। मुझे रिपोर्ट मिली है कि दो शव बरामद किए गए हैं और लगभग सात लोग फंसे हुए हैं। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, यह ब्लास्टिंग की वजह से नहीं हुआ है, बल्कि मिट्टी के कटाव (soil erosion) के कारण हुआ है।
पीड़ित परिवार को मुआवजा देगी सरकार
मैं इस पर रिपोर्ट मंगवाऊंगा और देखूंगा कि क्या खदान का काम नियमों के मुताबिक हो रहा था। हम पूरे राज्य में इस तरह की खदान गतिविधियों के लिए नई गाइडलाइन जारी करेंगे। विभाग ने जो भी नियम तय किए हैं, मैं उनकी समीक्षा करूंगा और आपको जानकारी दूंगा। मुआवजा देना प्राथमिकता नहीं है। मुआवजा तो हम उन्हें देंगे ही, इसमें कोई शक नहीं है। लेकिन मेरी प्राथमिकता यह है कि कर्नाटक में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
