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बिहार में स्वास्थ्य योजनाओं पर ED का शिकंजा, करोड़ों के टेंडर घोटाले की आंच में घिरे कई सीनियर अफसर और कारोबारी


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क ( अस्मित, पटना)बिहार की राजधानी पटना में सरकारी टेंडरों और स्वास्थ्य योजनाओं में हुए बड़े फर्जीवाड़े को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच की आंच बिहार कैडर के 7 वरिष्ठ IAS अधिकारियों तक पहुंच गई है, जो इस वक्त ईडी के रडार पर हैं। इस पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ करने के लिए केंद्रीय एजेंसी ने तत्कालीन नगर आयुक्त ऋषु श्री और उनसे जुड़े रसूखदार कारोबारी योगेश कुमार के विभिन्न ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है।

3.5% का फिक्स कमीशन और कबाड़ी से टेंडर किंग बनने की कहानी

ईडी की शुरुआती जांच में सरकारी खजाने की लूट का एक बेहद चौंकाने वाला पैटर्न सामने आया है:

  • आरोप है कि आवंटित किए जाने वाले सभी सरकारी टेंडरों के कुल बिल पर 3.5% का ‘फिक्स कमीशन’ वसूला जाता था। यह रकम सीधे सिंडिकेट से जुड़े लोगों तक पहुंचती थी।

  • इस पूरे घोटाले में टेंडर मैनेजर बनकर उभरे योगेश कुमार का इतिहास बेहद साधारण रहा है। कभी कबाड़ी का काम करने वाला यह शख्स देखते ही देखते बड़े सरकारी टेंडरों का मास्टरमाइंड बन गया। ठेकेदार ऋषु ने आरोप लगाया है कि IAS अभिलाषा और योगेश की मिलीभगत से सरकारी पैसों की जमकर बंदरबांट की गई।

दवा और उपकरण खरीद में बड़ा खेल, मिले अहम डिजिटल सबूत

छापेमारी के दौरान प्रवर्तन निदेशालय के हाथ कई ऐसे दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य लगे हैं, जो इस घोटाले की कड़ियों को आपस में जोड़ते हैं:

  • यह पूरा मामला सरकारी अस्पतालों में दवाओं और आवश्यक चिकित्सा उपकरणों (Medical Equipments) की खरीद में हुई भारी अनियमितताओं से जुड़ा है।

  • जांच में कारोबारी योगेश कुमार की पत्नी के बैंक खाते से करोड़ों रुपये के संदेहास्पद लेन-देन की बात सामने आई है। दस्तावेजों के मुताबिक, 4.27 करोड़ रुपये के संदिग्ध भुगतान और 17.65 लाख रुपये की नकद निकासी (Cash Withdrawal) का रिकॉर्ड मिला है।

  • ईडी अब आरोपियों द्वारा विदेशों में की गई महंगी यात्राओं और आलीशान होटलों के बिलों की भी स्क्रूटनी कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि रिश्वत के पैसे को कहाँ-कहाँ खपाया गया।

स्वास्थ्य बजट पर टिकी थीं नजरें, जांच का दायरा बढ़ा

बिहार सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए भारी-भरकम बजट खर्च कर रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य योजनाओं के लिए 21,270.40 करोड़ रुपये का विशाल बजट आवंटित किया है। इतनी बड़ी राशि के बीच स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं में करोड़ों रुपये के घोटाले की इस आशंका ने पूरे प्रशासनिक अमले को हिलाकर रख दिया है।

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