न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क : भागलपुर जिले के फर्जी शैक्षणिक एवं अन्य प्रमाणपत्रों के आधार पर नियुक्ति पाने वाले 133 नियोजित शिक्षकों को शिक्षा विभाग ने सेवा से बर्खास्त कर दिया है। अब इन शिक्षकों से नौकरी के दौरान प्राप्त वेतन की ब्याज के साथ वसूली की जाएगी। मिली जानकारी के अनुसार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की जांच रिपोर्ट में अनियमितता सामने आते ही संबंधित शिक्षकों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया था। फिर विभागीय प्रक्रिया पूरी कर सेवा समाप्त करने का आदेश जारी किया गया।
अलग-अलग होगी वसूली की रकम
सूत्रों के अनुसार वसूली की राशि सभी शिक्षकों के लिए समान नहीं होगी। बता दें कि प्रत्येक शिक्षक की सेवा अवधि, वेतनमान और प्राप्त कुल वेतन के आधार पर अलग-अलग राशि तय की जाएगी। मिली जानकारी के अनुसार कार्रवाई की जद में सबसे अधिक 14 शिक्षक बिहपुर प्रखंड के हैं। इसके अलावा खरीक के 11, जगदीशपुर के 6 तथा सन्हौला, नाथनगर, कदवा-नवगछिया और गोपालपुर-रंगरा के पांच-पांच शिक्षक शामिल हैं।
राज्य स्तर पर 3035 बर्खास्त
जिला शिक्षा विभाग के अनुसार शैक्षणिक प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, दिव्यांगता प्रमाणपत्र, आयु संबंधी दस्तावेज तथा टीईटी-सीटीईटी सहित विभिन्न अभिलेखों की जांच में गड़बड़ी मिलने के बाद यह कार्रवाई हुई है। जिन मामलों में आपराधिक तथ्य सामने आए हैं, उनमें नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। प्रदेश स्तर पर वर्ष 2006 से 2015 के बीच नियुक्त करीब 3.5 लाख शिक्षकों के 6.70 लाख प्रमाणपत्रों की जांच कराई गई थी। जांच में अब तक 3035 शिक्षकों के प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए हैं, जिनमें 1830 शिक्षकों को प्राथमिक स्तर पर दोषी माना गया है। इसी जांच के आधार पर भागलपुर में भी 133 शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई हुई है।
