न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
शंभू भगत / भागलपुर : भागलपुर सुल्तानगंज के कांवरिया पथ पर इन दिनों आस्था के साथ दोस्ती की भी ऐसी तस्वीरें देखने को मिल रही हैं, जो दिल को छू जाती हैं। इसी पथ पर दो दोस्तों की ऐसी कहानी सामने आई, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। ये कहानी है काशी के रहने वाले दीपक कनौजिया और उनके बचपन के दोस्त प्रमोद पांडे की। प्रमोद दिव्यांग हैं और अपने पैरों से चल नहीं सकते लेकिन बाबा बैद्यनाथ के दरबार में पहुंचकर जल चढ़ाने की उनकी इच्छा को दोस्त दीपक ने कभी उनकी कमजोरी नहीं बनने दिया।
दीपक अपने दिव्यांग दोस्त को कंधे पर बैठाकर सुल्तानगंज से देवघर की 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा पर निकल पड़े हैं। कांधे पर दोस्त और मन में महादेव के प्रति आस्था लिए दीपक कदम दर कदम आगे बढ़ रहे हैं। दीपक बताते हैं कि प्रमोद जब दूसरे कांवरियों को देवघर जाते देखते थे, तो उनका भी मन बाबा बैद्यनाथ के दरबार में जाने को करता था लेकिन चल नहीं पाने की मजबूरी के कारण उनकी इच्छा अधूरी रह जाती थी।
दोस्त की इसी इच्छा को दीपक ने अपनी जिम्मेदारी बना लिया पिछले 8 साल से दोनों इसी तरह सावन में देवघर जा रहे हैं। इस बार भी करीब 8 दिनों में 105 किलोमीटर का सफर तय कर बाबा बैद्यनाथ के दरबार पहुंचेंगे और जलाभिषेक करेंगे। दीपक की जुबान पर अपने दोस्त के लिए सिर्फ एक ही दुआ है महादेव उनके दोस्त को हमेशा खुश रखें। वहीं प्रमोद भी अपने दोस्त दीपक के लिए बाबा से यही प्रार्थना कर रहे हैं कि उनका साथ यूं ही हमेशा बना रहे।
कहते हैं दोस्ती सिर्फ साथ चलने का नाम नहीं… जरूरत पड़ने पर दोस्त के लिए उसके पैरों की ताकत बन जाना ही सच्ची दोस्ती है। सुल्तानगंज की धरती पर दीपक और प्रमोद की ये कहानी इसी दोस्ती की एक ऐसी मिसाल है, जो श्रद्धा के साथ-साथ इंसानियत का भी संदेश दे रही है। दोस्ती की अनूठी मिसाल बने।
