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पटना में अपहरण और फिर हत्या


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 

उत्कर्ष कुमार / पटना : पटना के बंटी यादव हत्याकांड में 4 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई है। चारों को सस्पेंड कर दिया गया है। निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में एएसआई प्रवीण कुमार पंकज, एएसआई अवधेश कुमार, एएसआई वीर बहादुर सिंह तथा गृह रक्षक सुदर्शन प्रसाद शामिल हैं। आरोप है कि ड्यूटी के दौरान उन्होंने लापरवाही बरती है। यह कार्रवाई पटना सेंट्रल एसपी ममता कल्याणी ने की है। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय नवीन आरक्षी पुलिस केंद्र पटना रहेगा। सभी निलंबित पदाधिकारी और एक कर्मी को निर्देश दिया गया है कि वे अपना स्पष्टीकरण 3 दिनों के अंदर देंगे।

ड्यूटी में लापरवाही का आरोप 

जानकारी मिली है कि 6 जुलाई की रात जब बंटी यादव का अपहरण हुआ था। उस वक्त ये सभी पदाधिकारी 100 मीटर के दायरे में ही मौजूद थे। सभी की ड्यूटी गश्ती और डायल-112 पर थी, लेकिन इस घटना के बारे में पास में रहने के बावजूद भी जानकारी नहीं मिली। इसे ड्यूटी के दौरान घोर लापरवाही मानते हुए कार्रवाई हुई है।

किडनैपिंग के 5वें दिन मिली थी लाश

पटना में 6 जुलाई को पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर के पास से बंटी किडनैप हुआ था। किडनैपिंग के 5वें दिन यानी 11 जुलाई को उसका शव 60 किमी दूर अथमलगोला में मिला। बंटी का चेहरा कूचा हुआ था। आंख-नाक का कुछ पता नहीं चल रहा था। बायां हाथ ठीक था, लेकिन दाहिने हाथ की सिर्फ हड्‌डी बची थी। पूरे शरीर पर चोट के काले निशान थे। बॉडी गलनी शुरू हो चुकी थी।

युवक की पीट-पीट कर बेरहमी से हत्या

बंटी के दांए हाथ पर टैटू था। मर्डर के बाद बदमाशों ने उस टैटू को भी नुकीले चीज से गोदकर हटा दिया। बंटी के हाथ में एक कड़ा भी था। जो पोस्टमॉर्टम के दौरान नहीं मिला। पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉ. अजय कुमार सिंह ने कहा कि युवक की पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या की गई है। पोस्टमॉर्टम में गोली लगने या शरीर में छर्रे मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। हत्या के मुख्य आरोपी समेत नामजद आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर ही है।

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