बिहार की राजधानी पटना में पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है।
नगर पुलिस अधीक्षक (मध्य), पटना चन्द्र प्रकाश
न्यूज11 भारत/बिहार डेस्क
अश्मित सिन्हा/पटना: बिहार की राजधानी पटना में पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र में स्मैक तस्करों को कथित तौर पर 11 लाख रुपये लेकर छोड़ने के आरोप में पुलिस के आठ पदाधिकारियों और कर्मियों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद सब इंस्पेक्टर, सिपाही और मुंशी समेत आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) चंद्र प्रकाश ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि मामले में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है। पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
26 अक्टूबर को हुई थी छापेमारी
पुलिस कार्यालय से 4 नवंबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, 26 अक्टूबर को गुप्त सूचना के आधार पर फुलवारीशरीफ थाना पुलिस ने मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री के खिलाफ छापेमारी की थी। इस दौरान नया टोला पठान टोली, वार्ड संख्या 24 निवासी आकिब खान उर्फ मोहम्मद साकिब खान को मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया गया था।
इसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस मामले में फुलवारीशरीफ थाना कांड संख्या 1867/26 दर्ज किया गया था। प्राथमिकी में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8(सी)/21(सी) और आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी)/26 के तहत कार्रवाई की गई।
दो अन्य युवकों को पकड़कर थाने लाई थी पुलिस
जांच में सामने आया कि गिरफ्तारी के दौरान आकिब खान के साथ दो अन्य व्यक्तियों मोहम्मद आफताब आलम और मोहम्मद एहसान को भी पकड़कर थाने लाया गया था। हालांकि, इन दोनों का नाम प्राथमिकी में दर्ज नहीं किया गया और न ही इनके पकड़े जाने की सूचना वरीय अधिकारियों को दी गई।
आरोप है कि छापेमारी टीम में शामिल कुछ पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों ने दोनों युवकों को छोड़ने के बदले मोटी रकम ली। बताया जा रहा है कि इस दौरान करीब 11 लाख रुपये का लेनदेन हुआ। पैसों के बंटवारे को लेकर पुलिसकर्मियों के बीच कहासुनी होने की बात भी सामने आई, जिसके बाद मामला वरीय अधिकारियों तक पहुंचा।
SI समेत 8 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
मामले की जांच सहायक पुलिस अधीक्षक, फुलवारीशरीफ द्वारा की जा रही है। जांच में प्रथम दृष्टया आठ पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों की संलिप्तता सामने आई है। इसके बाद सभी को निलंबित कर दिया गया है।
निलंबित पुलिसकर्मियों में शामिल हैं:
- पुलिस अवर निरीक्षक दिवाकर प्रसाद
- पुलिस अवर निरीक्षक नारद मुनि सिंह
- पुलिस अवर निरीक्षक रितेश कुमार
- परिचारी पुलिस अवर निरीक्षक आकाश कुमार
- पुलिस अवर निरीक्षक पवन कुमार
- पीटीसी-1118 साबिर आलम
- सिपाही संख्या 8949 आनंद राज
- सिपाही संख्या 9035 शुभम कुमार
- स्थानीय लोगों की भूमिका की भी जांच
इस पूरे मामले में कुछ स्थानीय लोगों की संलिप्तता की बात भी सामने आई है। पुलिस उनकी भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जा रही है।
