न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क : पटना में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ निगरानी विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। निगरानी विभाग की टीम ने वेतन आयोग के अवर सचिव आमोद मिश्रा को 20000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र में इस्कॉन मंदिर पटना के पास स्थित वेतन आयोग कार्यालय में हुई है। निगरानी विभाग की टीम ने कार्यालय में ही जाल बिछाकर आरोपी अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथो पकड़ा है। मिली जानकारी के अनुसार, आमोद मिश्रा मगध विश्वविद्यालय, बोधगया के वेतन कोषांग शाखा में अवर सचिव के पद पर कार्यरत हैं।
एरियर के बदले मांगी रिश्वत
खबर मिली है कि, एसबीएम कॉलेज, बिहारशरीफ में उमाशंकर उमरेबी के पिता प्रयोग प्रदर्शक के तौर पर पोस्टेड थे। सेवानिवृत्त होने के बाद एरियर का करीब 17 लाख रुपये का भुगतान लंबित था। इस एरियर भुगतान कराने के एवज में आमोद मिश्रा ने 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।
निगरानी थाने में दर्ज शिकायत
30 जून को पीड़ित ने मामले की शिकायत निगरानी थाने में दर्ज कराई और बातचीत से संबंधित साक्ष्य भी दिए थे। शिकायत के अनुसार, आरोपी पहले ही रिश्वत का 10 हजार रुपया ले चुका था, जबकि बाकी 20 हजार रुपये देने के लिए पीड़ित को बुधवार शाम को ऑफिसर्स फ्लैट गर्दनीबाग बुलाया था।
शिकायत के बाद बिछाया गया जाल
शिकायत की पुष्टि होने के बाद निगरानी विभाग ने टीम गठित कर जाल बिछाया। बुधवार शाम को रुपए देने से पहले निगरानी की टीम अलर्ट पर थी। तय योजना के तहत जैसे ही आमोद मिश्रा ने 20 हजार रुपये रिश्वत के तौर पर स्वीकार किए, टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया।
पूछताछ और कानूनी कार्रवाई जारी
गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग की टीम द्वारा आरोपी से पूछताछ जारी है। साथ ही मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। निगरानी विभाग की इस कार्रवाई से सरकारी महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
