न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
रमण कुमार / मधेपुरा : केंद्र सरकार की कथित किसान और मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ मधेपुरा में किसान-मजदूर संगठनों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। संयुक्त किसान मोर्चा और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर बिहार राज्य किसान सभा और ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस के बैनर तले बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जीतापुर-बुधमा के पास NH-107 पर पहुंचे और सड़क जाम कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। आंदोलन का नेतृत्व किसान सभा के जिला अध्यक्ष रमण कुमार, जिला सचिव मुकुंद प्रसाद यादव, किसान नेता शैलेंद्र कुमार और एटक के जिला संयोजक वीरेंद्र नारायण सिंह समेत अन्य नेताओं ने किया।
अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रमोद प्रभाकर ने केंद्र सरकार पर किसानों और मजदूरों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसल का उचित MSP नहीं मिल रहा है और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू नहीं किया गया है। किसान नेताओं ने कॉरपोरेट कर्जमाफी और किसानों की आर्थिक स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए।
प्रदर्शनकारियों ने किसानों की कर्जमाफी, फसल का उचित मूल्य और फसल बीमा का लाभ सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही मनरेगा को लेकर भी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए गए। भाकपा के जिला मंत्री विद्याधर मुखिया ने कहा कि अगर किसानों और मजदूरों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
वहीं किसान नेताओं ने 60 वर्ष से अधिक उम्र के किसानों और मजदूरों को 10 हजार रुपये मासिक पेंशन देने की मांग भी उठाई। नेताओं ने कहा कि देश के अन्नदाताओं और मजदूरों के अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने “खेती बचाओ, गांव बचाओ, देश बचाओ” का नारा देते हुए आंदोलन को आगे भी जारी रखने का ऐलान किया। हालांकि, सड़क जाम के कारण NH-107 पर यातायात प्रभावित हुआ। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान, मजदूर, युवा और छात्र नेता शामिल रहे।
