न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
कुंदन सिंह / कटिहार : बिहार के कटिहार जिले के बरारी थाना क्षेत्र से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने एक बार फिर निजी नर्सिंग होमों की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि अवैध रूप से संचालित एक निजी नर्सिंग होम में डॉक्टर की लापरवाही ने एक ही परिवार की सारी खुशियां छीन लीं। प्रसव के बाद पहले नवजात की मौत हुई और फिर उसकी मां ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने नर्सिंग होम के बाहर शव रखकर जमकर हंगामा किया।
वहीं मृतका की पहचान बरारी थाना क्षेत्र के रौनियां पंचायत के बक्कीकोल गांव निवासी बॉबी देवी की बेटी कांचल कुमारी के रूप में हुई है। मृतका की मां बॉबी देवी का आरोप है,कि प्रसव पीड़ा होने पर कांचल को बरारी सिवाना रोड स्थित एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टर ने ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद कांचल ने एक बेटे को जन्म दिया,लेकिन कुछ ही देर बाद मां और नवजात दोनों की तबीयत बिगड़ने लगी।
आरोप है, कि ऑपरेशन के बाद कांचल का पेट असामान्य रूप से फूल गया, जबकि नवजात की हालत गंभीर होने पर उसे पूर्णिया रेफर कर दिया गया। गुरुवार को इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई। परिजनों का कहना है,कि कांचल दर्द से तड़पती रही, लेकिन इलाज के नाम पर उसे लगातार इंजेक्शन लगाए जाते रहे। मृतका की मां का दावा है, कि एक ही रात में 25 से 30 इंजेक्शन दिए गए। जब उसकी हालत बेहद नाजुक हो गई, तब उसे पूर्णिया के एक निजी गांधी नर्सिंग होम रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान कांचल ने भी दम तोड़ दिया।
मां और बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। उन्होंने कथित रूप से अवैध नर्सिंग होम के बाहर शव रखकर जोरदार प्रदर्शन किया और डॉक्टर व संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने पर बरारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन परिजन कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। हालात बिगड़ते देख कोढ़ा अंचल निरीक्षक साजिद आलम और कटिहार सदर एसडीपीओ- टू सुनील कुमार शर्मा भी मौके पर पहुंचे। काफी समझाइश के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल कटिहार भेज दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है लेकिन पीड़ित परिजन के आवेदन के बाद विधिवत कार्रवाई की जाएगी। वह इस पूरे मामले को लेकर कटिहार सिविल सर्जन बताया कि, जिला स्तर से एक टीम गठित होगी जितनी आवश्यक कार्रवाई होगी करेंगे। जितनी करी से करी दंडनीय कार्रवाई हो सके करेंगे, किसी के जान के साथ खेलने का किसी को हक नहीं है।
वहीं इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर बिना पर्याप्त निगरानी के कथित रूप से अवैध निजी नर्सिंग होम कैसे संचालित हो रहे हैं? यदि परिजनों के लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं, तो जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होगी और ऐसी घटनाओं पर कब लगाम लगेगी?
