न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क : कटिहार रेल मंडल के अंतर्गत कटिहार-कुमेदपुर एवं कटिहार-मुकुरिया दोहरीकरण परियोजना के तहत कटिहार-कुरेठा तथा कटिहार-सोनैली के बीच नव निर्मित दोहरी ब्राडगेज रेल लाइन का तीन दिवसीय वैधानिक निरीक्षण शुक्रवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। पूर्वोत्तर सीमांत परिमंडल, कोलकाता के रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) सुमित सिंघल ने निरीक्षण एवं स्पीड ट्रायल के बाद रेलखंड पर परिचालन के लिए अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी।
दोहरीकरण परियोजना पर 948 करोड़ खर्च
मिली जानकारी के अनुसार, कटिहार-कुमेदपुर एवं कटिहार-मुकुरिया के बीच कुल 64.14 किलोमीटर लंबी दोहरीकरण परियोजना पर लगभग 948 करोड़ रुपये की लागत आई है। परियोजना के अंतर्गत 16 रेलवे स्टेशन शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 17 से 19 जून तक चले निरीक्षण के दौरान सीआरएस ने ट्रैक, पुल, सिग्नलिंग एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया। अंतिम दिन विशेष ट्रेन के माध्यम से 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से स्पीड ट्रायल किया गया।
इस क्षेत्र के यात्रियों को मिलेगा फायदा
निरीक्षण के उपरांत सीआरएस ने इस रेलखंड पर 110 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से परिचालन की सहमति प्रदान करते हुए रेल संचालन के लिए फिटनेस प्रमाणित कर दिया। इस नई दोहरी लाइन शुरू होने से सीमांचल सहित सीमावर्ती क्षेत्रों के यात्रियों को बड़ा लाभ मिलेगा। रेल परिचालन अधिक सुगम होगा तथा यात्री और मालगाड़ियों के आवागमन में होने वाली देरी में कमी आएगी।
ट्रेनों पर कम होगा दबाव
उल्लेखनीय है कि दोहरीकरण कार्य के दौरान नॉन-इंटरलॉकिंग के कारण दो दर्जन से अधिक ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया था, जबकि कई ट्रेनों को रद्द एवं पुनर्निर्धारित करना पड़ा था। अब नई लाइन चालू होने से ट्रेनों का दबाव कम होगा और सीमांचल तथा पूर्वोत्तर भारत की रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। इस मौके पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सह जनसंपर्क अधिकारी अनूप कुमार सिंह समेत कई रेल अधिकारी मौजूद थे।
