न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
राहुल कुमार / शेरघाटी : शेरघाटी प्रखंड के श्रीरामपुर पंचायत अंतर्गत बेलडीहा गांव में बुधवार की सुबह स्कूल जा रहे तीन छात्र वज्रपात की चपेट में आ गए। हादसे में 12 वर्षीय अंकुश राज की मौत हो गई, जबकि उसके दो साथी चुड्डू कुमार और अमित कुमार घायल हो गए। घटना के बाद तीनों को आनन-फानन में अनुमंडलीय अस्पताल, शेरघाटी लाया गया, जहां चिकित्सकों ने अंकुश को मृत घोषित कर दिया। वहीं, दोनों घायल छात्रों का उपचार किया गया। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर समय रहते इलाज नहीं करने का आरोप लगाया, जबकि अस्पताल प्रशासन ने इन आरोपों से इनकार किया है।
नदी पार करने के दौरान हादसा
जानकारी के अनुसार, अंकुश राज पिता राजेश यादव एवं माता रेखा देवी का पुत्र था। वह उत्क्रमित प्लस-2 विद्यालय, बीटी बीघा में कक्षा सात का छात्र था। बुधवार सुबह वह अपने दो साथियों चुड्डू कुमार (पिता कौलेश्वर मांझी) तथा अमित कुमार (पिता रविंद्र पासवान, बेलडीहा) के साथ स्कूल जा रहा था। इसी दौरान नदी पार करने के क्रम में अचानक तेज गर्जना के साथ वज्रपात हुआ और तीनों उसकी चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों की मदद से सभी को तत्काल अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया।
घायल छात्रों का इलाज जारी
अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद अंकुश को मृत घोषित कर दिया, जबकि दोनों घायल छात्रों का इलाज शुरू किया गया। अंकुश की मौत की खबर मिलते ही स्वजनों में चीख-पुकार मच गई। माता रेखा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पिता राजेश यादव गहरे सदमे में हैं। अंकुश परिवार में दो भाई और दो बहनों में था। उसका एक भाई दिव्यांग है। मृतक के चाचा रंजय ने आरोप लगाया कि अस्पताल पहुंचने के बाद ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक ने बच्चे की समुचित जांच किए बिना ही उसे मृत बताकर बाहर ले जाने को कहा। उनका कहना था कि यदि तत्काल इलाज शुरू किया जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी। आरोप के बाद कुछ देर के लिए अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बन गया।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही छात्र की मौत
इधर, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुदीपा कुमारी ने परिजनों के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि सूचना मिलते ही वह ओपीडी से बेड के पास पहुंचीं और स्टेथोस्कोप से बच्चे की जांच की। पुतलियों में कोई प्रतिक्रिया नहीं थी, पुतलियां पूरी तरह फैली हुई थीं तथा हृदय की धड़कन भी नहीं मिल रही थी। उनके अनुसार बच्चा अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ चुका था, जिसके बाद उसे मृत घोषित किया गया। अस्पताल प्रभारी उदय कुमार ने भी बताया कि घटना के समय दोनों चिकित्सक अस्पताल में मौजूद थे। बच्चे की चिकित्सकीय जांच की गई थी, लेकिन वह मृत अवस्था में लाया गया था। मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
पीड़ित परिवार को मुआवजे की मांग
घटना की सूचना मिलते ही शेरघाटी की अंचल अधिकारी सुश्री उषा कुमारी भी अस्पताल और घटनास्थल पहुंचीं। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सांत्वना दी तथा आपदा राहत योजना के तहत मिलने वाली सरकारी सहायता और मुआवजे की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराने का भरोसा दिलाया। उनके आश्वासन के बाद परिजनों और ग्रामीणों में कुछ हद तक नाराजगी शांत हुई। इस हृदयविदारक घटना के बाद बेलडीहा गांव में मातम पसरा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराने के साथ-साथ बरसात के मौसम में स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
