न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
साकेत / पटना : अब शहरों की तर्ज पर पटना के ग्रामीण इलाकों में भी ट्रैफिक चेकपोस्ट बनाए जाएंगे। इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। ट्रैफिक पुलिस ने हाल ही में ग्रामीण क्षेत्रों का सर्वे कराया, जिसमें 24 ऐसे स्थान चिह्नित किए गए हैं जहां ट्रैफिक चेकपोस्ट की आवश्यकता है। इन स्थानों पर यातायात व्यवस्था संभालने के लिए 400 होमगार्ड जवानों की तैनाती की जाएगी। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस ने होमगार्ड जवानों की मांग की है। वर्तमान में बिहटा को छोड़ जिले के किसी भी ग्रामीण क्षेत्र में ट्रैफिक पुलिस की तैनाती नहीं है। ट्रैफिक एसपी सागर कुमार ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में भी ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की जाएगी।
ट्रैफिक पुलिस में जवानों की कमी
कई स्थानों पर लगातार जाम की समस्या सामने आ रही है, लेकिन ट्रैफिक पुलिस में जवानों की कमी के कारण वहां नियमित व्यवस्था नहीं हो पा रही है। इसी को देखते हुए करीब एक हजार होमगार्ड जवानों की मांग की गई है, जिनमें से लगभग 400 जवानों को ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात करने की योजना है। उन्होंने बताया कि फिलहाल ग्रामीण क्षेत्र में केवल बिहटा में ट्रैफिक चेकपोस्ट है। यहां बालू लदे भारी वाहनों के कारण पटना-बिहटा मुख्य मार्ग पर अक्सर जाम की स्थिति बनती है।
इसी तरह बाढ़, मोकामा, बख्तियारपुर, फतुहा, पालीगंज, मसौढ़ी समेत अन्य क्षेत्रों में भी बार-बार जाम लगने वाले स्थानों की पहचान कर ली गई है। होमगार्ड जवान उपलब्ध होते ही इन स्थानों पर ट्रैफिक चेकपोस्ट स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, जाम की समस्या कम होगी और वाहनों का परिचालन सुचारु रूप से हो सकेगा। यह व्यवस्था लागू होने पर पटना ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रैफिक चेकपोस्ट स्थापित करने वाला राज्य का पहला जिला बन सकता है।
वर्तमान में पटना ट्रैफिक पुलिस में लगभग एक हजार जवान कार्यरत हैं, जिनमें अधिकांश की तैनाती शहरी क्षेत्रों में है। जिले में सुचारु यातायात व्यवस्था के लिए करीब दो से ढाई हजार जवानों की आवश्यकता है। पर्याप्त संख्या में जवान उपलब्ध होने पर ग्रामीण क्षेत्रों के जाम वाले स्थानों पर भी प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन किया जा सकेगा। फिलहाल शहरी क्षेत्र में लगभग 400 होमगार्ड जवान यातायात व्यवस्था संभाल रहे हैं, लेकिन शहर में भी अतिरिक्त जवानों की आवश्यकता बनी हुई है।
