न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क : राज्य में सभी टोल प्लाजा पर जल्द से जल्द एंबुलेंस की व्यवस्था होगी। सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को अविलंब उचित चिकित्सा के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने इसकी तैयारी में लगा है।
कम होगी मृत्यु संख्या
अनुमान है कि तुरंत चिकित्सकीय सुविधा मिलने से ऐसे मामलों में मृत्यु की संख्या कम की जा सकती है। उल्लेखनीय है कि बिहार में सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु की संख्या वर्ष-प्रति-वर्ष बढ़ती जा रही है। 2024 की तुलना में 2025 में मृत्यु दर में 6.12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
स्थापित होगी ट्रॉमा सेंटर
बहरहाल राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) और राज्य राजमार्ग (एसएच) पर ट्रॉमा सेंटर की स्थापना के लिए भी पहल तेज होगी। वहां दुर्घटनाग्रस्त लोगों की चिकित्सा होगी। ट्रॉमा सेंटर बन जाने पर टोल प्लाजा पर स्थायी रूप में एक-एक एंबुलेंस की व्यवस्था रहेगी।
ट्रामा सेंटरों में आईसीयू
11 ट्रॉमा सेंटर में 15 जुलाई तक आइसीयू की सुविधा शुरू हो जाएगी। विभाग की ओर से संबंधित जिलों को इसका स्पष्ट निर्देश दिया गया है।
एंबुलेंस टैगिंग की तकनीक
सड़क दुर्घटना प्रबंधन के दृष्टिकोण से एनएच एंबुलेंस से टैगिंग के लिए तकनीक विकसित की जाएगी। इससे सड़क दुर्घटना के घायलों को जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सकेगा।
आधे घंटे में पहुंच रही एंबुलेंस
राज्य में 1500 से अधिक सरकारी और 2000 से अधिक निजी एंबुलेंस पंजीकृत हैं। सभी सरकारी एंबुलेंस की मैपिंग की गई है, ताकि घायलों तक वे तुरंत पहुंच सकें। कॉल करने पर अभी शहरी क्षेत्र में 20 मिनट और ग्रामीण क्षेत्र में 30 मिनट के अंदर एंबुलेंस पहुंच रही है।
