न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
राहुल कुमार / शेरघाटी : गया जिले के नक्सल प्रभावित बांकेबाजार प्रखंड में इस वर्ष लगने वाला ऐतिहासिक श्रावणी मेला आस्था और आकर्षण का नया केंद्र बनने जा रहा है। मेले का सबसे बड़ा आकर्षण है। माता वैष्णो देवी धाम की तर्ज पर तैयार की जा रही विशाल कृत्रिम गुफा होगी। करीब 15 लाख रुपये की लागत से बन रही यह गुफा अंतिम चरण में है और आगामी 6 अगस्त से श्रद्धालुओं के लिए खोल दी जाएगी। गुफा में माता वैष्णो देवी का दिव्य दरबार, भगवान शिव की 20 फीट ऊंची प्रतिमा समेत सनातन संस्कृति की कई आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं को देखने को मिलेंगी।
बांकेबाजार श्रावणी मेले की पहचान इस वर्ष और भी भव्य होने जा रही है। करुणा निदान आश्रम के तत्वावधान में तैयार की जा रही विशाल कृत्रिम गुफा श्रद्धालुओं को जम्मू स्थित माता वैष्णो देवी धाम जैसा आध्यात्मिक अनुभव कराएगी। लगभग 20 दिनों से कारीगर दिन-रात मेहनत कर इस धार्मिक संरचना को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
गुफा का निर्माण इस तरह किया गया है कि श्रद्धालुओं को प्रवेश करते ही पहाड़ों के बीच स्थित वैष्णो देवी धाम की अनुभूति होगी। कृत्रिम चट्टानें, पर्वतीय स्वरूप, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, रंग-बिरंगी सजावट और धार्मिक संगीत पूरे वातावरण को भक्तिमय बनाएंगे। गुफा के भीतर माता वैष्णो देवी का दिव्य दरबार स्थापित किया जा रहा है।
इसके अलावा भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान, राधा-कृष्ण, माता शबरी सहित सनातन संस्कृति से जुड़ी लगभग 20 धार्मिक प्रतिमाएं और झांकियां स्थापित की जा रही हैं। वहीं करीब 20 फीट ऊंची भगवान भोलेनाथ की भव्य प्रतिमा मेले का प्रमुख आकर्षण होगी। रात के समय रंगीन रोशनी से पूरा परिसर जगमगा उठेगा, जिससे इसकी भव्यता कई गुना बढ़ जाएगी।
निर्माण कार्य में जुटे कारीगर पिंटू कुमार ने बताया कि उनकी टीम पिछले 25 वर्षों से देश के विभिन्न राज्यों में दुर्गा पूजा, श्रावणी मेला और अन्य धार्मिक आयोजनों के लिए भव्य धार्मिक संरचनाओं का निर्माण करती आ रही है। उन्होंने कहा कि इस बार बांकेबाजार के श्रद्धालुओं को माता वैष्णो देवी धाम जैसा आध्यात्मिक अनुभव देने का प्रयास किया जा रहा है और उन्हें विश्वास है कि यह गुफा मेले का सबसे बड़ा आकर्षण बनेगी।
बांकेबाजार का श्रावणी मेला वर्षों से मगध क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल रहा है। सावन माह में यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। इस वर्ष पहले सावन सोमवार को भी आस्था का जनसैलाब उमड़ा था। अब कृत्रिम वैष्णो देवी गुफा के कारण श्रद्धालुओं का उत्साह और बढ़ गया है।
आयोजकों के अनुसार इस बार गया, औरंगाबाद, नवादा, जमुई, अरवल समेत झारखंड के पलामू, चतरा, कोडरमा और हजारीबाग से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। रक्षाबंधन तक चलने वाले इस मेले में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन-कीर्तन और विभिन्न प्रकार की दुकानों की भी व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, चिकित्सा और यातायात प्रबंधन के भी व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।
