न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना – राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बेहतर और आसान सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पंचायत सरकार भवनों को बहुउद्देशीय केंद्र के रूप में विकसित कर रही है। योजना के तहत इन भवनों में डाकघर, बैंकिंग सुविधा, पुस्तकालय, आरटीपीएस काउंटर, आधार सेवा केंद्र और सुधा मिल्क पार्लर जैसी सुविधाएं शुरू की जाएंगी। सरकार का मकसद है कि गांव के लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए प्रखंड और जिला मुख्यालय तक नहीं जाना पड़े। एक ही छत के नीचे सभी जरूरी सेवाएं मिलने से ग्रामीणों का समय और खर्च दोनों बचेगा। इसके लिए राज्यभर में पंचायत सरकार भवनों का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है और कई जिलों में भवन पूरी तरह तैयार होकर चालू भी हो चुके हैं।
हाईलाइट्स –
- पंचायत सरकार भवनों में डाकघर, बैंकिंग, RTPS और आधार सेवाएं शुरू होंगी
- ग्रामीणों को प्रखंड और जिला मुख्यालय जाने से मिलेगी राहत
- मुजफ्फरपुर के 114 पंचायत भवनों में जल्द शुरू होंगी जनसुविधाएं
- पंचायतों को डाकघर संचालन से अतिरिक्त आमदनी भी होगी
डाक विभाग ने मांगी पंचायत भवनों की सूची
पंचायत सरकार भवनों में डाकघर खोलने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। मुख्य पोस्टमास्टर जनरल ने पंचायती राज विभाग के निदेशक को पत्र भेजकर ऐसे पंचायत भवनों की सूची उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है, जहां डाकघर संचालित किए जा सकें। इसके बाद सभी जिलों के पंचायती राज पदाधिकारियों को क्रियाशील पंचायत सरकार भवनों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया है। डाकघर संचालन के लिए डाक विभाग ग्राम पंचायत को हर महीने पांच सौ रुपये किराया देगा, जो सीधे पंचायत के खाते में जमा होगा। इससे पंचायतों को अतिरिक्त आमदनी होगी, वहीं डाक विभाग को निजी भवनों पर होने वाले अधिक किराये से राहत मिलेगी। वर्तमान में कई जगहों पर निजी भवनों में चल रहे डाकघरों को पंचायत सरकार भवनों में शिफ्ट करने की तैयारी भी शुरू हो गई है।
मुजफ्फरपुर के 114 पंचायत भवनों में जल्द शुरू होंगी सेवाएं
मुजफ्फरपुर जिले में अब तक 114 पंचायत सरकार भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है और इन्हें क्रियाशील बना दिया गया है। इन भवनों में जल्द ही डाकघर समेत अन्य जनसुविधाएं शुरू की जाएंगी। पंचायत स्तर पर डाकघर खुलने से ग्रामीणों को पार्सल भेजने, बचत खाता खुलवाने, सुकन्या समृद्धि योजना और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना जैसी सेवाओं का लाभ गांव में ही मिलेगा। वहीं आरटीपीएस काउंटर पर जाति, आय, निवास, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र भी पंचायत स्तर पर बनाए जाएंगे। इससे लोगों को प्रखंड कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा और सरकारी कार्यों में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। सरकार का मानना है कि पंचायत सरकार भवन ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक सुविधा और जनसेवा का नया केंद्र बनेंगे।
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