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बगहा में गंडक का कहर! चम्पारण तटबंध में 12 मीटर की दरार, कई गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा



बगहा में गंडक नदी के बढ़ते दबाव के बीच चम्पारण तटबंध में बड़ी दरार के बाद करीब 12 मीटर बांध टूट गया है।

न्यूज 11 भारत/बिहार डेस्क
जयप्रकाश वर्मा/बगहा:
बगहा में गंडक नदी के बढ़ते दबाव के बीच चम्पारण तटबंध में बड़ी दरार के बाद करीब 12 मीटर बांध टूट गया है। बगहा-1 प्रखंड के खैरटवा के पास सोमवार रात करीब साढ़े आठ बजे हुई इस घटना के बाद नदी का पानी तेजी से रिहायशी इलाकों और खेतों की ओर फैल रहा है। वहीं बथवरिया के टेसरहिया इलाके में भी तटबंध टूटने की सूचना है।

चम्पारण तटबंध में पहले से सीपेज और दरार की शिकायत के बावजूद मौके पर कर्मियों की मौजूदगी नहीं होने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग के अभियंताओं और ठेकेदारों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। वाल्मीकिनगर विधायक सुरेंद्र कुशवाहा ने भी तटबंध टूटने के पीछे लापरवाही की बात कही है।

तटबंध टूटने के बाद खैरटवा, पिपरिया, सिंगारी गढ़वा, रजवटिया, चखनी, बड़गांव, छोटकीपट्टी, एकडेरवा, डुमरिया और चौतरवा समेत कई गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय अनुमान के मुताबिक पानी का फैलाव बढ़ा तो करीब 50 हजार की आबादी प्रभावित हो सकती है। हजारों एकड़ में लगी धान और गन्ने की फसल भी डूबने की आशंका है।

चखनी रजवटिया से रतवल जाने वाला करीब 14 किलोमीटर लंबा मार्ग इसी तटबंध से होकर गुजरता है, जिससे आवागमन पर भी संकट गहरा गया है। तटबंध टूटने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।

डीएम तरनजोत सिंह, एसडीएम चांदनी कुमारी समेत अधिकारी और पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार समेत पुलिस टीम और जल संसाधन विभाग मौके पर पहुंचे। डीएम-एसपी और एसडीएम लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन ने तटबंध की मरम्मत के साथ राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। वहीं प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन कर क्षतिपूर्ति और मुआवजे की तैयारी की जा रही है।

गौरतलब है कि सितंबर 2024 में भी गंडक बराज से भारी जलस्राव के बाद अगस्तिया के पास चम्पारण तटबंध टूट चुका है। अब दोबारा तटबंध टूटने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि बराज से पानी के डिस्चार्ज में कमी दर्ज की गई है।  सबसे अधिक 5.43 लाख क्यूसेक पहुंच गया था लेकिन मंगलवार के दस बजे तक यह घटकर करीब 1 लाख 83 हजार क्यूसेक रह गया है। पश्चिम चंपारण के डीएम तरणजोत सिंह ने भी शाम तक स्थिति सामान्य होने और पानी घटने की उम्मीद जताई है।

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