न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क : बिहार में सड़कों और पुलों के बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। पथ निर्माण विभाग ने राज्य की गारंटी पर विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों से कुल 21 हजार करोड़ रुपये का ऋण लेने की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है।
लंबित सड़क व पूल परियोजनाओं में आएगी तेजी
इस राशि के आवंटित होने से मुजफ्फरपुर समेत पूरे उत्तर बिहार में लंबित और निर्माणाधीन सड़क व पुल परियोजनाओं के काम में तेजी आएगी। इस स्वीकृत राशि में से 15 हजार करोड़ रुपये बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (BSRDCL) को और 6 हजार करोड़ रुपये बिहार राज्य पुल निर्माण निगम को मिलेंगे। विभाग ने इस संबंध में औपचारिक संकल्प जारी कर सभी संबंधित अधिकारियों को नियमों और शर्तों से अवगत करा दिया है।
ऋण वापसी के लिए 25 वर्ष की सीमा
सरकार द्वारा स्वीकृत इस लोन को किस्तों में वापस किया जाएगा, जिसके लिए अधिकतम समय सीमा 25 वर्ष तय की गई है। इस ऋण की समय पर वापसी के लिए राज्य सरकार ‘बिहार पथ उपयोगकर्ता शुल्क नियमावली 2026’ के तहत सड़कों और पुलों पर वसूल किए जाने वाले टोल टैक्स की राशि का उपयोग करेगी। इस वित्तीय व्यवस्था के सुनिश्चित होने से अब फंड की कमी के कारण कोई भी प्रोजेक्ट नहीं रुकेगा।
दादर और अखाड़ाघाट पुल निर्माण को रफ्तार
इस नए फंड के जारी होने का सबसे बड़ा लाभ मुजफ्फरपुर जिले को मिलने जा रहा है। शहर की लाइफलाइन माने जाने वाले अखाड़ाघाट पुल के नए निर्माण कार्य और दादर पुल के नवनिर्माण कार्य में अब तेजी आएगी। वहीं, वर्तमान दादर पुल और शहर के व्यस्ततम माड़ीपुर आरओबी की आवश्यक मरम्मत का काम भी फंड मिलने से जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाएगा, जिससे शहरवासियों को आए दिन होने वाले ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
पारू के फतेहाबाद में बनेगा मेगा पुल
इस वित्तीय पैकेज के तहत जिले के पारू प्रखंड अंतर्गत फतेहाबाद में बूढ़ी गंडक नदी पर एक महासेतु का रास्ता साफ हो गया है। लगभग 5 अरब रुपये की अनुमानित लागत से यहां 3 किलोमीटर लंबा पुल बनाया जाएगा। इस मेगा प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है, जिससे पारू और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहद मजबूत होगी।
