न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना – बिहार विधान परिषद की 10 सीटों के लिए हुए चुनाव में सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए हैं। नामांकन वापसी की निर्धारित समय-सीमा गुरुवार शाम 3 बजे समाप्त होने तक किसी भी उम्मीदवार ने अपना नाम वापस नहीं लिया। इसके बाद निर्वाची पदाधिकारी ने सभी 10 प्रत्याशियों को विधिवत निर्वाचित घोषित कर दिया। चूंकि कुल 10 सीटों के लिए केवल 10 ही वैध उम्मीदवार मैदान में थे, इसलिए मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी और सभी प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हो गए। इस घटनाक्रम के साथ ही विधान परिषद के लिए होने वाला चुनाव औपचारिक रूप से संपन्न हो गया।
हाईलाइट्स –
- बिहार विधान परिषद की सभी 10 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए।
- नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होने तक किसी भी उम्मीदवार ने नाम वापस नहीं लिया।
- भाजपा, जेडीयू, राजद और लोजपा (रामविलास) के उम्मीदवारों ने सीटें हासिल कीं।
- निशांत कुमार पहली बार विधान परिषद के सदस्य बने।
- निर्वाची पदाधिकारी ने शाम 3 बजे के बाद सभी को औपचारिक रूप से निर्वाचित घोषित किया।
- निशांत कुमार ने बिहार के विकास और अपने पिता की नीतियों को आगे बढ़ाने की बात कही।
एनडीए और आरजेडी के उम्मीदवारों को मिली सफलता
निर्वाचित उम्मीदवारों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चार प्रत्याशी पवन सिंह, संजय मयूख, अनिल ठाकुर और शीला पंडित शामिल हैं। जनता दल (यूनाइटेड) के खाते में भी चार सीटें गई हैं, जिन पर निशांत कुमार, भारती मेहता, शिवरानी देवी प्रजापति और ललन कुमार निर्वाचित घोषित किए गए हैं। वहीं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अशरफ अंसारी और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सुनील कुमार सिंह भी विधान परिषद के सदस्य चुने गए हैं। सभी उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचन को लेकर राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा गया। चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी होने पर निर्वाचन अधिकारियों ने भी संतोष जताया।
जीत के बाद निशांत कुमार ने जताया आभार
विधान परिषद सदस्य निर्वाचित होने के बाद जेडीयू नेता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन पर जो विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। निशांत कुमार ने कहा कि उनके पिता ने बिहार के विकास और समृद्धि के लिए जो नीतियां बनाई हैं, उन्हें आगे बढ़ाने का काम करेंगे। उन्होंने इसे अपना सौभाग्य बताते हुए कहा कि जिस सदन में उनके पिता ने वर्षों तक जनसेवा की, उसी सदन का सदस्य बनने का अवसर उन्हें मिला है।
उन्होंने कहा कि समृद्ध और विकसित बिहार के निर्माण के लिए वह पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिता ने बिहार को आगे बढ़ाने और राज्य को समृद्ध बनाने का जो सपना देखा है, उसे साकार करने के लिए वह हर संभव प्रयास करेंगे। निशांत कुमार के इस बयान को जेडीयू कार्यकर्ताओं ने सकारात्मक संदेश बताते हुए उनके राजनीतिक सफर की नई शुरुआत के रूप में देखा है।
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