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मजदूरों से भरी पिकअप पलटी, 13 घायल, 10 की हालत गंभीर


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 
पवन कुमार सिंह / छपरा: बिहार के सारण जिले में मंगलवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। छपरा-सिवान मुख्य मार्ग स्थित एनएच-531 पर एकमा थाना क्षेत्र के बेलदारी लाइन होटल के समीप मजदूरों से भरी एक पिकअप वाहन का टायर अचानक फट गया। टायर फटते ही वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई, जिससे उसमें सवार 13 मजदूर घायल हो गए। इनमें 10 मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

स्थानीय लोगों ने किया राहत एवं बचाव कार्य

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए दुर्घटनाग्रस्त वाहन में फंसे मजदूरों को बाहर निकाला और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सभी घायलों को तत्काल इलाज के लिए एकमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा।

छपरा सदर अस्पताल रेफर किए गए 10 मजदूर 

चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल 10 मजदूरों को बेहतर इलाज के लिए छपरा सदर अस्पताल रेफर कर दिया। सभी घायल रसूलपुर थाना क्षेत्र के निवासी बताए जाते हैं। जानकारी के अनुसार मजदूर दिघवारा से मजदूरी कर पिकअप वाहन से अपने घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में यह हादसा हो गया। घटना के बाद पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त पिकअप वाहन को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारण कुछ समय के लिए एनएच-531 पर यातायात भी प्रभावित रहा, जिसे बाद में सामान्य कराया गया।

फिर उठे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर मालवाहक वाहनों में मजदूरों और यात्रियों को ढोने की खतरनाक प्रवृत्ति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नियमों के अनुसार पिकअप और अन्य कमर्शियल वाहन सामान ढोने के लिए होते हैं, लेकिन अक्सर इनमें क्षमता से अधिक लोगों को बैठाकर परिवहन किया जाता है। यही लापरवाही आए दिन बड़े हादसों का कारण बन रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। यदि किसी मालवाहक वाहन में अवैध रूप से लोगों को ले जाते हुए पकड़ा जाए तो वाहन जब्त करने के साथ उसका पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) रद्द करने जैसी कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

पिछले वर्ष भी घटी थी ऐसी घटना 

गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी दिघवारा क्षेत्र के आसपास मजदूरों से भरे वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने से कई लोगों की जान चली गई थी। बावजूद इसके मालवाहक वाहनों में यात्रियों के परिवहन पर प्रभावी रोक नहीं लग पाई है। ऐसे में प्रशासन द्वारा स्पष्ट गाइडलाइन जारी करने और सख्त निगरानी की मांग तेज हो गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

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