न्यूज 11 भारत, बिहार डेस्क
अश्मित सिन्हा/ पटना: सावन की अंतिम सोमवारी पर मधेपुरा के प्रसिद्ध सिंहेश्वरनाथ मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ा, लेकिन इसी भारी भीड़ के बीच अचानक भगदड़ मचने से अफरा-तफरी फैल गई। देखते ही देखते श्रद्धालुओं की भीड़ में धक्का-मुक्की शुरू हो गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। जानकारी के अनुसार घटना में कई श्रद्धालुओं के घायल होने की सूचना है।
दरअसल, सावन की अंतिम सोमवारी होने की वजह से सुबह से ही सिंहेश्वरनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी थी। बाबा का जलाभिषेक करने और पूजा-अर्चना के लिए दूर-दूर से लोग मंदिर पहुंचे थे। भीड़ लगातार बढ़ती जा रही थी। इसी दौरान अचानक ऐसी स्थिति बनी कि श्रद्धालुओं के बीच भगदड़ मच गई।
भगदड़ की सूचना मिलते ही मंदिर परिसर में तैनात पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी हरकत में आए। सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश शुरू की। श्रद्धालुओं को एक-दूसरे से दूरी बनाकर आगे बढ़ने की अपील की गई और स्थिति को संभालते हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
घटना के बाद घायल श्रद्धालुओं को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजे जाने की सूचना है। वहीं, प्रशासन ने मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी है। अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के साथ भीड़ की आवाजाही पर भी नजर रखी जा रही है।
फिलहाल प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। मंदिर में श्रद्धालुओं का जलार्पण और पूजा-अर्चना जारी है। हालांकि भगदड़ की घटना ने मंदिर में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वे किसी तरह की जल्दबाजी या धक्का-मुक्की न करें और सुरक्षा व्यवस्था में तैनात कर्मियों के निर्देशों का पालन करें।
सावन की अंतिम सोमवारी पर बाबा सिंहेश्वरनाथ के दरबार में उमड़ी इस विशाल भीड़ के बीच हुए हादसे के बाद अब प्रशासन की प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि आस्था के इस पर्व के दौरान किसी और अप्रिय घटना की नौबत न आए।
वहीं मधेपुरा एसपी संदीप सिंह ने फोन पर एनडीटीवी को बताया कि ऐसी जानकारी हमको नहीं मिला है सोशल मीडिया के थ्रू जानकारी मिली है। इसी को लेकर हम और डीएम साहब प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं अभी ऐसा कुछ नहीं है स्थिति समान है।
