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अब नहीं चलेगा चूहा-बिल्ली का खेल’, TRE-4 को लेकर सहरसा की सड़कों पर उतरे हजारों युवा


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 

इंद्रदेव / सहरसा –   बीपीएससी की TRE-4 शिक्षक बहाली प्रक्रिया को लेकर सोमवार को सहरसा में शिक्षक अभ्यर्थियों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने शहर में आक्रोश मार्च निकालकर सरकार और बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर अभ्यर्थियों ने नारेबाजी करते हुए जल्द से जल्द TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लंबे समय से शिक्षक बहाली की प्रतीक्षा कर रहे युवाओं के साथ लगातार अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बहाली प्रक्रिया में अनावश्यक देरी और सीटों में कटौती के कारण हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। मार्च के दौरान शहर का माहौल पूरी तरह आंदोलनमय दिखा और अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता का प्रदर्शन किया।

हाईलाइट्स –

  • TRE-4 शिक्षक बहाली में सीट कटौती के विरोध में सहरसा में अभ्यर्थियों का आक्रोश मार्च।
  • एक लाख पदों से घटाकर 20 हजार सीटों तक सीमित करने की चर्चा पर नाराजगी।
  • जल्द TRE-4 नोटिफिकेशन जारी करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन।
  • पीटी और मेन्स परीक्षा की बाध्यता समाप्त करने की भी उठी मांग।
  • मांगें नहीं मानी गईं तो पूरे बिहार में आंदोलन तेज करने की चेतावनी।
     

सीटों में कटौती को बताया युवाओं के साथ अन्याय

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे एनएसयूआई के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक मनीष कुमार ने कहा कि सरकार ने पहले शिक्षक बहाली के लिए एक लाख पदों पर नियुक्ति की बात कही थी, लेकिन बाद में इसे घटाकर 46 हजार कर दिया गया। अब मात्र 20 हजार सीटों पर बहाली की चर्चा चल रही है, जो युवाओं के साथ सीधा अन्याय है। उन्होंने कहा कि लाखों अभ्यर्थी वर्षों से शिक्षक बनने का सपना लेकर तैयारी कर रहे हैं, लेकिन सरकार बार-बार नियम बदलकर और सीटें कम करके उन्हें निराश कर रही है। मनीष कुमार ने कहा कि मंगलवार को शिक्षा मंत्री सहरसा आ रहे हैं और मीडिया को भी इस गंभीर मुद्दे पर उनसे सवाल करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अब युवाओं के साथ “चूहा-बिल्ली का खेल” नहीं चलेगा। भीषण गर्मी के बावजूद हजारों अभ्यर्थी अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतर रहे हैं और यदि मांगों को नजरअंदाज किया गया तो आंदोलन पूरे बिहार में और तेज किया जाएगा।

नोटिफिकेशन जारी करने सहित कई मांगें उठाईं

प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा। अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में TRE-4 का अविलंब नोटिफिकेशन जारी करना, पूर्व निर्धारित रिक्तियों को बहाल करना, पीटी और मेन्स परीक्षा की अनिवार्यता समाप्त करना तथा आंदोलनकारी अभ्यर्थियों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेना शामिल है। प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने कहा कि रोजगार और अपने अधिकारों की लड़ाई को लेकर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। अभ्यर्थियों के बीच भारी उत्साह और आक्रोश देखने को मिला। उनका कहना था कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन का सिलसिला जारी रहेगा।
 

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