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अब रफ्तार पकड़ेंगे वाहन, बिहार के इन जिलों में होगा 2 फोरलेन का निर्माण  



बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलेगी। पटना से नेपाल और पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी-दालकोला तक जाने




सांकेतिक तस्वीर

न्यूज11 भारत/बिहार डेस्क 
साकेत कुमार/पटना:
बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलेगी। पटना से नेपाल और पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी-दालकोला तक जाने के लिए लोगों को पहली बार फोरलेन सड़क की सुविधा मिलेगी। इसके लिए मुजफ्फरपुर-सोनबरसा और खगड़िया-पूर्णिया के बीच 226 किमी लंबे दो फोरलेन हाईवे का निर्माण किया जाएगा। इन पर 7527 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 

मिली जानकारी के लिए दोनों परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण लगभग पूरा हो चुका है। दोनों परियोजनाओं के टेंडर जमा कर दिए गए हैं। इसी महीने एजेंसी का चयन होगा। अभी खगड़िया से पूर्णिया जाने में 4 घंटे का समय लगता है, जबकि इस फोरलेन के बनने के बाद घटकर केवल 1.5 से 2 घंटे रह जाएगा। 

अभी मुजफ्फरपुर से सोनबरसा 2-लेन होने की वजह से इसमें काफी समय लगता है, लेकिन 4-लेन बनने के बाद मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी की दूरी सिर्फ 40 तो मुजफ्फरपुर से सोनबरसा (नेपाल बॉर्डर) सिर्फ 90 मिनट में पहुंच सकेंगे।

खगड़िया-पूर्णिया फोरलेन

खगड़िया से पूर्णिया के बीच 144 किमी लंबे फोरलेन हाईवे पर 3936 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अभी इस मार्ग पर सफर में 3.5 से 4 घंटे लगते हैं, जो घट कर अब 1.5 से 2 घंटे रह जाएगा। 

पूर्णिया में ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए 6.7 किमी लंबा ग्रीनफील्ड बाईपास का निर्माण किया जाएगा। शहर के अंदर वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। 

इस परियोजना के पूरा होने के बाद खगड़िया, भागलपुर, कटिहार और पूर्णिया के लोगों को सीधा फायदा होगा। कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाना आसान हो जाएगा। 

मुजफ्फरपुर-सोनबरसा फोरलेन

मुजफ्फरपुर से सोनबरसा के बीच 83 किमी लंबा फोरलेन हाईवे का निर्माण किया जाएगा। इस पर 3591 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके बनने के बाद मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी करीब 40 मिनट और नेपाल बॉर्डर के सोनबरसा तक करीब 90 मिनट में पहुंच सकेंगे।

इस परियोजना के तहत बागमती नदी पर 340 मीटर लंबा पुल बनाया जाएगा। इसके अलावा सात बड़े पुल और तीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) भी बनाए जाएंगे। इस हाईवे की रामजानकी मार्ग से कनेक्टिविटी रहेगी। इससे अयोध्या और जनकपुर जाने वाले तीर्थयात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी। साथ ही उत्तर बिहार से धार्मिक पर्यटन स्थलों तक पहुंचना आसान होगा।

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