न्यूज 11 भारत/बिहार डेस्क
राहुल कुमार/शेरघाटी: लुटुआ थाना क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने शुक्रवार को सर्च अभियान के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए जमीन के नीचे छिपाकर रखी गई करीब चार से पांच किलोग्राम वजन की आईईडी बरामद की। आईईडी में कमांड मैकेनिज्म लगा हुआ था। बरामदगी के बाद सीआरपीएफ की बम निरोधक एवं डिटेक्शन टीम (बीडीडीएस) के जवानों ने इसे मौके पर ही सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर नष्ट कर दिया। समय रहते आईईडी बरामद होने से एक बड़ी घटना को टाल दिया गया।
जानकारी के अनुसार, डी/215 बटालियन सीआरपीएफ को इलाके में आईईडी लगाए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के बाद बटालियन के कमांडेंट विनोद कुमार मोहरिल के निर्देश पर शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे सर्च अभियान शुरू किया गया। डी/215 बटालियन की डी कंपनी के जवान स्थानीय पुलिस के प्रतिनिधि के साथ अभियान में शामिल हुए। टीम ने लुटुआ थाना क्षेत्र के कैंप नागोबार से गुलरियातरी होते हुए सिंघवा इलाके की ओर सर्च अभियान चलाया।
डीएसएमडी से मिली बीप की आवाज
सुरक्षाबलों की टीम सिंघवा इलाके के पास पहुंचकर आसपास के क्षेत्र में सघन तलाशी ले रही थी। इसी दौरान डिटेक्टर की मदद से जमीन के नीचे से बीप की आवाज सुनाई दी। इसके बाद जवानों ने इलाके को सावधानीपूर्वक घेर लिया और संदिग्ध स्थान की जांच शुरू की। खुदाई करने पर जमीन के नीचे एक संदिग्ध वस्तु दिखाई दी। जांच में वह आईईडी निकली।
बरामद आईईडी का वजन करीब चार से पांच किलोग्राम बताया गया है। अधिकारियों के अनुसार, आईईडी में कमांड मैकेनिज्म लगा हुआ था। इसे एक स्टील के कंटेनर में रखकर काले रंग की पॉलिथीन से लपेटा गया था। सुरक्षाबलों ने किसी तरह का जोखिम न लेते हुए पूरे क्षेत्र को सुरक्षित किया और बीडीडीएस टीम को मौके पर बुलाकर आईईडी को निष्क्रिय करने की कार्रवाई शुरू की।
मौके पर ही सुरक्षित तरीके से किया गया नष्ट
बीडीडीएस कर्मियों ने विशेष सावधानी बरतते हुए बरामद आईईडी को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर नष्ट कर दिया। कार्रवाई के दौरान आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। आईईडी के नष्ट किए जाने के बाद सुरक्षाबलों ने आसपास के इलाके में दोबारा सघन तलाशी अभियान चलाया, ताकि कहीं कोई अन्य विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु मौजूद न हो।
सुरक्षाबलों को निशाना बनाने की आशंका
सुरक्षाबलों के अनुसार, प्रथमदृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि अज्ञात नक्सलियों द्वारा पुलिस और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने तथा जान-माल को नुकसान पहुंचाने की नीयत से आईईडी को जमीन के नीचे छिपाकर रखा गया था। हालांकि, आईईडी किस स्थान और किस समय लगाई गई थी, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। मामले को लेकर इलाके में सर्च अभियान जारी रखा गया है।
पूरी कार्रवाई कमांडेंट विनोद कुमार मोहरिल के निर्देशन में की गई। अभियान में डी/215 बटालियन की डी कंपनी के जवानों के साथ स्थानीय पुलिस के प्रतिनिधि और बीडीडीएस कर्मी शामिल रहे। डी कंपनी के कंपनी कमांडर इंस्पेक्टर गौरव कुमार के नेतृत्व में सुरक्षाबलों ने अभियान को अंजाम दिया।
