न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क(चंद्र प्रकाश, मुजफ्फरपुर) बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से ऑनर किलिंग की एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। यहां अलग जाति में प्रेम विवाह करने से नाराज परिजनों ने अपनी ही 21 वर्षीय बेटी की गला दबाकर बेरहमी से हत्या कर दी। इतना ही नहीं, अपने इस खौफनाक गुनाह पर पर्दा डालने के लिए आरोपियों ने रात के अंधेरे में युवती के शव को बूढ़ी गंडक नदी के किनारे ले जाकर जला दिया।
यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब मृतका के पति ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर न्याय की गुहार लगाई। वीडियो वायरल होने और पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद हरकत में आई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के भाई को गिरफ्तार कर लिया है।
6 साल का प्यार और फिर घर से भागकर कोर्ट मैरिज
मृतका की पहचान सिवाईपट्टी थाना क्षेत्र निवासी 21 वर्षीय सुजाता कुमारी के रूप में हुई है। सुजाता को अपने ही इलाके के घोषौत निवासी गौरी शंकर कुमार से प्यार था। दोनों के बीच पिछले 6 साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। अलग-अलग जाति से होने के कारण लड़की के परिजन इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे। परिवार के भारी विरोध के बावजूद, दोनों ने इसी साल 18 जनवरी को समस्तीपुर कोर्ट में भागकर शादी कर ली और रहने के लिए हरियाणा चले गए। इसके बाद सुजाता के परिजनों ने सिवाईपट्टी थाने में गौरी शंकर के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज करा दिया था।
कोर्ट में सुजाता ने कहा था- ‘मैं बालिग हूं, पति के साथ रहूंगी’
अपहरण की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों को हरियाणा से बरामद किया था। कोर्ट में पेशी के दौरान सुजाता ने साहस दिखाते हुए मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिया कि वह बालिग है और उसने अपनी मर्जी से गौरी शंकर से शादी की है, इसलिए वह अपने पति के साथ ही रहना चाहती है। हालांकि, इस कानूनी प्रक्रिया के दौरान तकनीकी कारणों से गौरी शंकर को जेल जाना पड़ा, जिसके बाद सुजाता अपनी मौसी के घर रहने लगी थी।
होली में मां समझाकर लाई थी घर, पति ने लगाया हत्या का आरोप
पीड़ित पति गौरी शंकर का आरोप है कि होली के त्योहार के दौरान सुजाता की मां उसे समझा-बुझाकर वापस अपने घर ले आई थी। जेल से छूटने के बाद गौरी शंकर की सुजाता से आखिरी बार 31 मार्च को फोन पर बातचीत हुई थी, जिसके बाद से उसका मोबाइल बंद हो गया और कोई सुराग नहीं मिला। पत्नी के अचानक गायब होने पर गौरी शंकर को किसी अनहोनी की आशंका हुई।
उसने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो जारी कर कहा, “मेरी पत्नी की हत्या कर दी गई है, उसके हत्यारों को पकड़ो, नहीं तो मैं आत्महत्या कर लूंगा।” इसके बाद उसने पुलिस को लिखित आवेदन भी भेजा।
भाई का सनसनीखेज कबूलनामा: ‘लोक-लाज और गुस्से में की हत्या’
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरपुर एसएसपी के निर्देश पर एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुजाता के भाई अभिषेक यादव को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस पूछताछ में भाई अभिषेक ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि सुजाता ने अपनी मर्जी से दूसरी जाति के गौरी शंकर से शादी की थी, जिससे परिवार की समाज में बदनामी हो रही थी। परिवार को लगातार यह डर सता रहा था कि वह दोबारा अपने पति के पास भाग जाएगी। इसी लोक-लाज और गुस्से में आकर 8 मई को पूरे परिवार ने योजनाबद्ध तरीके से सुजाता की गला दबाकर हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए शव को नदी किनारे ले जाकर जला दिया।
FSL की टीम ने जुटाए सबूत, 8 लोगों पर FIR दर्ज
एसडीपीओ पूर्वी ने बताया कि घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने उस स्थान का दौरा किया है जहां शव को जलाया गया था। टीम ने घटनास्थल से राख और हड्डियों के अवशेष के महत्वपूर्ण सैंपल एकत्र किए हैं।
इस ऑनर किलिंग कांड में मृतका के भाई ने अपने अलावा परिवार और रिश्तेदारों समेत कुल 5 लोगों के शामिल होने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने इस मामले में कुल 8 नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। घटना में शामिल अन्य फरार दोषियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
