न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Department) की टीम ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। नवादा में निगरानी की विशेष टीम ने जाल बिछाकर सदर अंचल के राजस्व कर्मचारी (Revenue Employee) सुजीत कुमार को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। हैरान करने वाली बात यह है कि यह पूरी कार्रवाई किसी बंद कमरे में नहीं, बल्कि नवादा सदर अस्पताल परिसर के खुले इलाके में सरेआम की गई।
दाखिल-खारिज या काम के बदले मांग रहा था घूस, पीड़ित ने रच दिया चक्रव्यूह
जानकारी के मुताबिक, आरोपी राजस्व कर्मचारी सुजीत कुमार सदर अंचल में तैनात है। वह एक पीड़ित से उसके काम के एवज में 15 हजार रुपये के नजराने की डिमांड कर रहा था। पीड़ित घूस देने के मूड में बिल्कुल नहीं था, इसलिए उसने सीधे पटना जाकर निगरानी विभाग से इसकी लिखित शिकायत कर दी। शिकायत मिलते ही विभाग ने मामले का सत्यापन कराया और मामला सही पाते ही भ्रष्ट कर्मचारी को दबोचने के लिए एक अचूक चक्रव्यूह (ट्रैप टीम) तैयार किया।
जैसे ही हाथ में आए केमिकल लगे नोट, मौके पर ही दबोच लिया
निगरानी टीम के प्लान के मुताबिक, तय समय पर जैसे ही शिकायतकर्ता रिश्वत की रकम देने के लिए सदर अस्पताल परिसर पहुंचा और उसने आरोपी सुजीत कुमार को पैसे थमाए, वैसे ही आसपास सादे लिबास में तैनात निगरानी के अफसरों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। सुजीत कुमार को संभलने का मौका तक नहीं मिला और टीम ने केमिकल लगे नोटों के साथ उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
अंचल कार्यालय के अन्य कर्मचारियों में मचा हड़कंप
राजस्व कर्मचारी की गिरफ्तारी की खबर जैसे ही आग की तरह फैली, नवादा सदर अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया। कई घूसखोर कर्मचारी अपनी टेबल छोड़कर गायब हो गए। गिरफ्तारी के तुरंत बाद निगरानी की टीम कागजी कार्रवाई पूरी करते हुए आरोपी को अपने साथ पटना ले गई है।
खोली जा रही है सुजीत कुमार की पूरी कुंडली
निगरानी विभाग के अधिकारी फिलहाल आरोपी सुजीत कुमार से कड़ाई से पूछताछ कर रहे हैं। विभाग यह पता लगाने की कोशिश में जुटा है कि आरोपी ने अब तक कितने लोगों को परेशान किया है और क्या वह पहले भी ऐसे रिश्वतखोरी के मामलों में शामिल रहा है। उसके द्वारा निपटाए गए हालिया मामलों की फाइलों को भी खंगाला जा सकता है।
