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नालंदा में सड़क निर्माण की सुस्ती पर नीतीश सख्त, अधिकारियों को दी डेडलाइन



पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को नालंदा जिले में निर्माणाधीन सालेपुर-राजगीर फोरलेन सड़क का निरीक्षण किया।

न्यूज11 भारत/बिहार डेस्क
साकेत कुमार/पटना:
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को नालंदा जिले में निर्माणाधीन सालेपुर-राजगीर फोरलेन सड़क का निरीक्षण किया।

इस दौरान निर्माण कार्य में हो रही देरी पर उन्होंने अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई और सड़क निर्माण विभाग के सचिव पंकज पाल को स्पष्ट निर्देश दिया कि इस बरसात तक सड़क हर हाल में चालू हो जानी चाहिए।

निर्माण कार्य में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद थे।

नालंदा जिले में सालूपुर (एसएच-78) से नूरसराय, अहियापुर और सिलाव होते हुए एनएच-120 के बेलौआ (राजगीर) तक 862.63 करोड़ रुपये की लागत से चार लेन सड़क का निर्माण कराया जा रहा है।

यह सड़क राजगीर पर्यटन मार्ग के रूप में बौद्ध सर्किट को जोड़ेगी। इसके निर्माण से राजगीर का संपर्क करौटा स्थित मां जगदंबा स्थान और एनएच-20 से भी बेहतर होगा।

बौद्ध सर्किट को मिलेगी नई कनेक्टिविटी

नीतीश कुमार ने कहा कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना राजगीर सहित पूरे बिहार के पर्यटन, व्यापार और अर्थव्यवस्था को नई गति देगी। बेहतर सड़क संपर्क से स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और क्षेत्र के विकास के नए रास्ते खुलेंगे।

उन्होंने कहा कि सड़क के बन जाने से राजगीर और गया जाने वाले लोगों को बख्तियारपुर और बिहारशरीफ होकर जाने की बाध्यता नहीं रहेगी। यह मार्ग आगे चलकर बुद्ध सर्किट का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगा। इससे बौद्ध पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
एक किलोमीटर पैदल चलकर देखी निर्माण की गुणवत्ता

निरीक्षण के दौरान नीतीश कुमार सालेपुर से ठाकुर स्थान तक करीब एक किलोमीटर पैदल चले। उन्होंने सड़क निर्माण में इस्तेमाल हो रही सामग्री की गुणवत्ता परखी। पुलिया और अंडरपास के अलाइनमेंट की जानकारी ली।

कई स्थानों पर रुककर संवेदक और अभियंताओं से निर्माण कार्य की प्रगति के बारे में पूछताछ की। निर्माण में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने अधिकारियों को काम में तेजी लाने का निर्देश दिया।

कहा कि यह महत्वपूर्ण परियोजना है और इसके निर्माण में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा किया जाए। इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग हो और निर्माण की प्रगति रिपोर्ट भी ली जाए।

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