न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क : बिहार के ऐतिहासिक नालंदा विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विस्तार के तहत अब जल्द ही ‘जैन अध्ययन केंद्र’ (सेंटर फॉर जैन स्टडीज) की स्थापना की जाएगी। इसकी जानकारी घोषणा नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी ने हैदराबाद के कान्हा शांति वनम् में आयोजित ‘द हार्ट ऑफ ए जैन’ अंतरराष्ट्रीय कॉन्क्लेव के दौरान की। इस पहल का मुख्य उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा, गहन दार्शनिक चिंतन और शोध को विश्व स्तर पर एक नई और मजबूत पहचान दिलाना है।
शोध व सहयोग की नई राह
नालंदा विश्वविद्यालय और हार्टफुलनेस के बीच भविष्य में एक व्यापक सहयोग की नींव रखी गई है। दोनों संस्थान भविष्य में भारतीय ज्ञान परंपरा, पर्यावरण और मानव कल्याण के क्षेत्र में साझा कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इस विश्वविद्यालय में प्रस्तावित ‘जैन अध्ययन केंद्र’ इसी सहयोग का प्रमुख हिस्सा होगा, जो देश-विदेश के शोधार्थियों के लिए जैन दर्शन और अहिंसा के सिद्धांतों को समझने का एक अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनेगा।
