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पटना में जमीन मालिकों को बड़ी राहत, लीज होल्ड से फ्री होल्ड होंगी ये चार पॉश कॉलोनियां


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: पटना नगर निगम शहर के चार वीआईपी इलाकों के लोगों को बड़ा तोहफा देने की तैयारी में है. अब राजेंद्र नगर, एसके पुरी, पीआईटी कॉलोनी और बेउर क्षेत्र में लीज पर दी गई जमीनों को फ्री होल्ड करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. इस फैसले के बाद यहां के जमीन मालिकों को अपनी प्रॉपर्टी बेचने, उपहार में देने या किसी और के नाम ट्रांसफर करने का पूरा अधिकार मिल जाएगा.

बंदिशों से मिलेगी आजादी, मनमुताबिक कर सकेंगे इस्तेमाल

फिलहाल इन चारों इलाकों में रहने वाले लोग अपनी ही जमीन को लेकर बंधे हुए हैं. लीज नियमों की सख्ती के कारण वे न तो इसे किसी को बेच पा रहे हैं और न ही परिवार के किसी सदस्य के नाम ट्रांसफर कर पा रहे हैं. आपातकालीन स्थिति या जरूरत के वक्त भी लोग अपनी संपत्ति का स्वतंत्र रूप से इस्तेमाल नहीं कर पा रहे थे, जिससे अब उन्हें निजात मिल जाएगी.

सर्कल रेट से देना होगा 10% अतिरिक्त शुल्क

जमीन को फ्री होल्ड कराने के लिए सरकार ने एक फॉर्मूला तैयार किया है. नए नियम के मुताबिक, जमीन मालिकों को अपनी प्रॉपर्टी के मौजूदा सरकारी रेट (बाजार मूल्य) से 10 फीसदी ज्यादा रकम पटना नगर निगम के पास जमा करानी होगी. यह फीस चुकाते ही जमीन पूरी तरह उनकी हो जाएगी और वे कानूनी तौर पर इसकी खरीद-बिक्री के लिए स्वतंत्र होंगे.

सशक्त स्थायी समिति की बैठक में बनी सहमति

इस महत्वपूर्ण योजना को लेकर नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति की बैठक में विस्तृत चर्चा हुई. नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने मेयर सीता साहू के सामने इस प्रस्ताव का पूरा खाका पेश किया. इस बैठक में डिप्टी मेयर रेशमी चंद्रवंशी सहित समिति के वरिष्ठ सदस्य सुनीता देवी, अनीता देवी, मनोज कुमार, विनोद कुमार, कुमार संजीत, राजकुमार गुप्ता और श्वेता राय भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस पहल को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई.

अगली बैठक में लागू होगी एसओपी, जुटाया जा रहा है रिकॉर्ड

इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए नगर निगम प्रशासन तेजी से काम कर रहा है. चारों संबंधित मोहल्लों की लीज वाली जमीनों का पूरा डेटा और रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है. इसके साथ ही एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) भी तैयार की जा रही है, जिसे अंतिम मंजूरी के लिए सशक्त स्थायी समिति की अगली बैठक में पेश किया जाएगा.

बदलती जरूरतों के बीच समय की मांग

विशेषज्ञों के अनुसार, बीते कुछ दशकों में इन इलाकों का चेहरा पूरी तरह बदल चुका है. यहां तेजी से रिहायशी और कमर्शियल कंस्ट्रक्शन हुआ है. बदलते समय के साथ लोगों की पारिवारिक और आर्थिक जरूरतें भी बढ़ी हैं. ऐसे में लीज के पुराने नियमों को बदलकर जमीनों को फ्री होल्ड करना वक्त की सबसे बड़ी मांग बन चुका था.

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