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पश्चिमी चंपारण में जर्जर पुल बना खतरा, दरारों के बीच रोज जान जोखिम में डालकर गुजर रहे लोग


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 

पश्चिमी चंपारण –  पश्चिमी चंपारण जिले के रामनगर प्रखंड में रामनगर-शिवपुर कॉलोनी के बीच बलोर नदी पर बना पुल इन दिनों पूरी तरह जर्जर हालत में पहुंच चुका है। पुल की स्थिति ऐसी हो गई है कि उसे देखकर किसी का भी दिल दहल जाए। चार पायों पर खड़े इस पुल के दो पायों में गहरी दरारें साफ दिखाई दे रही हैं, जबकि बाकी दो पाये भी कमजोर और क्षतिग्रस्त नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल अब “अब गिरा कि तब गिरा” जैसी हालत में पहुंच चुका है, लेकिन मजबूरी में लोग उसी रास्ते से आवाजाही कर रहे हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इतने खतरनाक हालात के बावजूद पुल पर रोजाना बाइक, ऑटो और छोटे वाहन गुजर रहे हैं।

हाईलाइट्स – 

  • पश्चिमी चंपारण के रामनगर में बलोर नदी पर बना पुल जर्जर हालत में
  • पुल के दो पायों में बड़ी दरारें, बाकी दो भी कमजोर
  • रोजाना स्कूली बच्चे और ग्रामीण इसी पुल से कर रहे आवाजाही
  • बाढ़ के मौसम में पुल टूटने का खतरा बढ़ा
  • ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मरम्मत की मांग की
     

स्कूली बच्चों और ग्रामीणों की बढ़ी चिंता

यह पुल कई गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से सैकड़ों छात्र-छात्राएं हाईस्कूल और अन्य शिक्षण संस्थानों तक पहुंचते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुल की हालत को लेकर कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पुल की जर्जर स्थिति के कारण लोगों में हर समय हादसे का डर बना रहता है। खासकर अभिभावक अपने बच्चों को इस पुल से गुजरते देख भयभीत रहते हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द पुल की मरम्मत या नए पुल के निर्माण की मांग की है ताकि किसी बड़े हादसे से पहले समाधान निकाला जा सके।

बाढ़ के मौसम में और बढ़ सकता है खतरा

ग्रामीणों के मुताबिक हर साल बाढ़ के दौरान बलोर नदी का जलस्तर काफी बढ़ जाता है और कई बार पानी पुल के ऊपर तक पहुंच जाता है। ऐसे में कमजोर हो चुके इस पुल के लिए आने वाला मानसून बड़ी चुनौती बन सकता है। लोगों को डर है कि अगर समय रहते पुल की मरम्मत नहीं हुई तो इस साल बाढ़ का पानी पुल को पूरी तरह बहा सकता है। पुल टूटने की स्थिति में दर्जनों गांवों का संपर्क प्रखंड मुख्यालय से कट जाएगा और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल तकनीकी जांच कर पुल को सुरक्षित बनाने की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले लोगों की जान बचाई जा सके।

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