न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क : बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत भागलपुर के ऐतिहासिक जिला स्कूल की सूरत बदलने वाली है। अब यह स्कूल आधुनिक सुविधाओं से लैस मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित होगा। मॉडल स्कूल बनने के बाद इसे ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ के नाम से जाना जाएगा। साल 1823 में स्थापित हुए इस ऐतिहासिक स्कूल के कायाकल्प को लेकर शिक्षा विभाग के निर्देश पर प्रधानाध्यापक ने अपनी आवश्यक मांगों की सूची विभाग को भेज दी है।
छात्रावास का होगा निर्माण
प्रधानाध्यापक की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में विद्यालय के विस्तार के लिए 10 अतिरिक्त कमरों के निर्माण की मांग की गई है। इसके साथ ही विज्ञान प्रयोगशालाओं में बेसिन और नियमित जलापूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रस्ताव है। विद्यालय परिसर में स्थित जर्जर हो चुके छात्रावास के पूर्णनिर्माण के लिए भी निर्धारित फॉर्मेट भरकर जिला प्रशासन को भेज दिया गया है। वर्तमान में इस स्कूल में 1,390 छात्र नामांकित हैं और 45 शिक्षक कार्यरत हैं। स्कूल के पास फिलहाल 16 कमरे, एक हॉल और करीब 100×100 मीटर भूमि उपलब्ध है।
स्मार्ट क्लास की होगी व्यवस्था
जिला स्कूल को मॉडल रूप में विकसित करने के बाद यहाँ छात्रों को हाईटेक सुविधाएं मिलेंगी। विद्यालय में स्मार्ट क्लास, आधुनिक पुस्तकालय और उन्नत विज्ञान प्रयोगशालाएं बनाई जाएंगी। इसके अलावा छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रारंभिक तैयारी के लिए विशेष कोचिंग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार की योजना इस ऐतिहासिक विद्यालय को पूरी तरह से आवासीय रूप में विकसित करने की है।
पहले चरण में 10 जिला स्कूलों का चयन
शिक्षा विभाग ने सूबे के जिला स्कूलों को मॉडल विद्यालय बनाने के लिए पहले चरण में राज्य के 10 जिलों का चयन किया है। इस सूची में भागलपुर के साथ-साथ पूर्वी चंपारण, पूर्णिया, सहरसा, मुजफ्फरपुर, सारण, मुंगेर, भोजपुर, गया और दरभंगा शामिल हैं। विभागीय मुख्यालय के स्तर से इन सभी चयनित स्कूलों के उन्नयन (अपग्रेडेशन) की प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गई है।
