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बिहार में औद्योगिक क्रांति की तैयारी, निवेश-रोजगार बढ़ाने के लिए सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा एक्शन प्लान


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क

पटना –   मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को बिहार को औद्योगिक विकास और निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में तेज गति से काम करने का निर्देश दिया। बैठक में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उद्योग, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में बिहार को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि देश-विदेश के निवेशक बिहार में निवेश करने के लिए आकर्षित हों। उन्होंने अधिकारियों को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के मानकों में सुधार करते हुए बिहार को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया। साथ ही उद्योगों से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने पर भी जोर दिया गया।

हाईलाइट्स –

  • मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक की।
  • बिहार को निवेश और औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बनाने का निर्देश।
  • फूड प्रोसेसिंग, फार्मा और एमएसएमई सेक्टर को विशेष प्रोत्साहन देने पर जोर।
  • लैंड बैंक विस्तार और नई औद्योगिक इकाइयों को समय पर इंसेंटिव देने के निर्देश।
  • पीपीपी मॉडल पर फूड पार्क विकसित करने की संभावनाएं तलाशने को कहा।
  • टेक्सटाइल इंडस्ट्रियल सेंटर और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने पर फोकस।
  • ग्रामीण स्तर पर उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की रणनीति।
  • उद्योगों की समस्याओं के त्वरित समाधान और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधार पर जोर।

फूड प्रोसेसिंग, एमएसएमई और टेक्सटाइल सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग, फार्मा और एमएसएमई क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं, इसलिए इन क्षेत्रों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को नई औद्योगिक इकाइयों को समय पर प्रोत्साहन राशि और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर आधुनिक फूड पार्क विकसित करने की संभावनाओं का भी अध्ययन करने को कहा। इसके अलावा बिहार में टेक्सटाइल इंडस्ट्रियल सेंटर की स्थापना की दिशा में तेजी से काम करने का निर्देश दिया गया, ताकि राज्य में वस्त्र उद्योग को नई पहचान मिल सके और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित हों। उन्होंने कहा कि उद्योगों के विस्तार से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध होगा।

स्टार्टअप, स्वरोजगार और लैंड बैंक विस्तार पर फोकस

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में कार्य किया जाए। इसके लिए राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम को और मजबूत करने तथा नवाचार को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास के लिए लैंड बैंक के विस्तार को भी महत्वपूर्ण बताते हुए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को तेज करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को उद्योगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने तथा निवेशकों का विश्वास बढ़ाने के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें तो बिहार आने वाले वर्षों में उद्योग, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।

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