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बिहार में भूमि विवादों का होगा ऑन द स्पॉट समाधान, 11 से 17 जून तक सभी अंचलों में चलेगा विशेष राजस्व महाअभियान


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: बिहार सरकार जमीन से जुड़े दस्तावेजों में सुधार और लंबित मामलों को निपटाने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है. राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने घोषणा की है कि राज्य के सभी अंचलों (ब्लॉक्स) में 11 से 17 जून तक एक विशेष अभियान चलाया जाएगा. इस महाअभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस दौरान रविवार को भी सरकारी दफ्तर खुलेंगे और कर्मचारी काम करेंगे. इसके तहत लंबित पड़े 46 लाख आवेदनों की स्कैनिंग और उन्हें पोर्टल पर अपलोड करने का काम युद्ध स्तर पर किया जाएगा.

रैयतों की सहूलियत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

सरकार का मुख्य फोकस आम जनता (रैयतों) की जमीन से जुड़ी समस्याओं को दूर करना है. इस अभियान के दौरान मुख्य रूप से भूमि अभिलेखों में सुधार, पारिवारिक बंटवारे के बाद नाम चढ़ाना (नामांतरण), उत्तराधिकार के मामलों और दाखिल-खारिज जैसी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया जाएगा. मंत्री ने साफ किया कि शिविर के दौरान मिले टारगेट को पूरा करना संबंधित अंचल अधिकारी (CO) और राजस्व अधिकारी (RO) की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी. काम में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मुख्यालय स्तर से इसकी सीधी मॉनिटरिंग होगी.

31 मार्च की डेडलाइन खत्म, सुस्त रफ्तार पर मंत्री सख्त

पुराने सचिवालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने बताया कि पिछले साल (16 अगस्त से 20 सितंबर 2025) चलाए गए महाअभियान के दौरान राज्यभर से करीब 46 लाख आवेदन मिले थे. इन आवेदनों को निपटाने की अंतिम तारीख 31 मार्च 2026 तय की गई थी, लेकिन अधिकारियों की सुस्ती के कारण काम समय पर पूरा नहीं हो सका. विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, अब तक केवल 81.91% आवेदनों की स्कैनिंग हो पाई है और महज 26.43% आवेदन ही पोर्टल पर अपलोड किए जा सके हैं. मंत्री ने इस कछुआ चाल पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे बेहद चिंताजनक बताया है.

तीन चरणों में होगा काम, 100% अपलोडिंग का लक्ष्य

इस विशेष हफ्ते के दौरान सरकार का लक्ष्य प्राप्त हुए सभी आवेदनों की 100% स्कैनिंग और उन्हें पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड करना है. इसके तुरंत बाद तीसरे चरण में इन सभी समस्याओं का फाइनल सॉल्यूशन (निष्पादन) किया जाएगा, ताकि रैयतों को अपनी ही जमीन के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें.

विशेष सर्वे अमीन भी संभालेंगे कमान, 5 जिलों को मिली छूट

काम के भारी दबाव को देखते हुए विभाग ने राज्य के अधिकांश जिलों में तैनात विशेष सर्वेक्षण अमीनों को भी इस काम में झोंकने का फैसला किया है. हालांकि, शिवहर, शेखपुरा, लखीसराय, जहानाबाद और अरवल के अमीनों को इस ड्यूटी से अलग रखा गया है, क्योंकि इन 5 जिलों में आगामी 15 अगस्त तक भूमि सर्वे का काम पूरा करने का एक अलग लक्ष्य तय किया गया है. बाकी सभी जिलों के अमीन स्कैनिंग और डेटा अपलोडिंग के काम में हाथ बंटाएंगे.

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