बिहार में शराबबंदी खत्म होने पर आ गया बड़ा अपडेट, दरभंगा में मद्य निषेध मंत्री मदन सहनी ने कह दी ये बड़ी बात
न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: बिहार सरकार के मद्य निषेध विभाग के मंत्री मदन सहनी शुक्रवार को दरभंगा पहुंचे थे. जहाँ उन्होंने मीडिया से बात करते हुए सूबे में लागू शराबबंदी कानून को और सख्ती से लागू कराने के कड़े निर्देश दिए हैं. सरकार ने साफ कर दिया है कि राज्य में शराबबंदी कानून को खत्म करने का कोई विचार नहीं है, बल्कि इसे और कड़ा बनाया जा रहा है.
समीक्षा बैठक में शामिल हुए रेलवे, एयरपोर्ट और सीमा सुरक्षा के अधिकारी; 5 चेक पोस्टों पर बढ़ती जाएगी सख्ती
कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हुए बिहार सरकार के मद्य निषेध विभाग के मंत्री मदन सहनी ने बताया कि बीते दिनों शराबबंदी को लेकर समीक्षा बैठक की गई है. इस बैठक में रेलवे, एयरपोर्ट और सीमा सुरक्षा के अधिकारी आए हुए थे. हमारे जो पांच चेक पोस्ट हैं, वहां हम लोग सख्ती बरतने जा रहे हैं. बाहर से जितने भी विदेशी शराब आते हैं, उस पर नकेल कसने जा रहे हैं और हमारी पहली प्राथमिकता यही है.
बड़े स्कैनर की होगी व्यवस्था, शराब बनाने वाली कंपनी के मालिक भी होंगे गिरफ्तार
मंत्री मदन सहनी ने आगे बताया कि दूसरा, नए सिरे से सभी जगहों पर छापेमारी की जाएगी और एक बड़ा स्कैनर की व्यवस्था की जा रही है. इस स्कैनर के लगने से यदि कोई शराब लेकर आ रहा होगा, तो वह उसमें दिखाई पड़ जाएगी और तुरंत उस पर कार्रवाई होगी. इसके साथ ही साथ, जहाँ से शराब आती है उस कंपनी के मालिक पर भी कार्रवाई होगी और उनकी गिरफ्तारी भी की जाएगी.
शराब तस्करों पर चलेगा स्पीडी ट्रायल, आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने वालों पर भी होगी कार्रवाई
शराब माफियाओं के खिलाफ कड़े कदम उठाने की जानकारी देते हुए मंत्री ने कहा कि यदि किसी ने इस धंधे से आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है, या फिर इस मामले में जिन पर केस चल रहा है, उन पर स्पीडी ट्रायल चलवाया जाएगा.
मुख्य फोकस ट्रेनों पर, पर सड़क मार्ग की निगरानी को लेकर उठने लगे सवाल
आपको बता दें कि बिहार में शराबबंदी कानून को और प्रभावी बनाने के लिए मद्य निषेध विभाग की समीक्षा बैठक बीते गुरूवार को आयोजित की गई थी, जिसमें अधिकारियों को शराब तस्करी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए. बैठक में विशेष रूप से बिहार आने वाली प्रमुख ट्रेनों में नियमित जांच अभियान चलाने और शराब तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने पर जोर दिया गया. हालांकि, इस फैसले के बाद अब यह सवाल भी उठने लगा है कि बिहार में सबसे अधिक शराब सड़क मार्ग के जरिए पहुंचती है, ऐसे में उस पर निगरानी को लेकर विभाग द्वारा क्या रणनीति अपनाई जा रही है.
