न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क : बहुचर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में बिलौटी गांव में आयोजित महापंचायत में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। वहां भरत भूषण तिवारी के लिए नारे लगाए गए। सभा को कई वक्ताओं ने संबोधित किया और मामले की जांच को लेकर सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (पीके) ने न्याय नहीं मिलने पर व्यापक आंदोलन की चेतावनी दी।
सिटिंग जज की निगरानी में हो मामले की जांच
इस मौके पर पीके ने कहा, कोई पुलिस वाला तब तक गोली नहीं चला सकता, जब तक कि पटना से आदेश न हो। यह जांच होनी चाहिए कि पटना से किसने यहां पुलिस को गोली चलाने का आदेश दिया था। उन्होंने कहा कि अगर भरत तिवारी को वास्तविक न्याय दिलाना है तो मामले की जांच किसी रिटायर्ड जज नहीं, बल्कि सिटिंग जज की निगरानी में कराई जानी चाहिए।
न्यायिक जांच के दायरे में गृह विभाग, डीजीपी भी आएं-प्रशांत किशोर
पीके ने आगे कहा कि न्यायिक जांच तभी निष्पक्ष मानी जाएगी जब इसके दायरे में गृह मंत्री, डीजीपी समेत मामले से जुड़े सभी जिम्मेदार अधिकारियों और व्यक्तियों को शामिल किया जाए। महापंचायत में कहा गया कि केवल संबंधित दारोगा और डीएसपी को निलंबित कर देने से न्याय नहीं मिल जाता। जनता को न्याय होता हुआ दिखाई भी देना चाहिए।
पटना घेराव की चेतावनी
लोगों ने मांग की कि 15 दिनों के अंदर न्यायिक जांच की घोषणा की जाए, अन्यथा आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर निर्धारित समय सीमा के अंदर सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो आंदोलनकारी पटना कूच करेंगे और वहां प्रदर्शन कर सरकार का घेराव करेंगे। भरत भूषण तिवारी और उनके परिवार को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा तथा जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास का भी घेराव किया जाएगा।
