Voice of Eastern India

मगध मेडिकल में जूनियर डॉक्टरों का आंदोलन, ओपीडी ठप; इलाज के लिए भटके सैकड़ों मरीज


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 

अभिषेक राज / गयाजी – मगध प्रमंडल के सबसे बड़े सरकारी स्वास्थ्य संस्थान अनुग्रह मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एएनएमएमसीएच) में शनिवार को जूनियर डॉक्टरों के आंदोलन का व्यापक असर देखने को मिला। विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टरों के कारण ओपीडी सेवाएं लगभग ठप रहीं, जिससे इलाज के लिए पहुंचे सैकड़ों मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह से ही अस्पताल परिसर में मरीजों और उनके परिजनों की लंबी कतारें लगी रहीं, लेकिन डॉक्टरों के आंदोलन के कारण अधिकांश मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श नहीं मिल सका। कई मरीज घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते रहे, जबकि दूर-दराज के क्षेत्रों से आए लोगों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा।

हाईलाइट्स –

  • जूनियर डॉक्टरों के आंदोलन से मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल की ओपीडी सेवाएं प्रभावित।
  • इलाज के लिए पहुंचे सैकड़ों मरीजों को बिना परामर्श लौटना पड़ा।
  •  हॉस्टल, मेस, एसी, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग पर प्रदर्शन।
  • अस्पताल प्रशासन ने बातचीत के जरिए जल्द समाधान का भरोसा दिया।

बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर डॉक्टरों का प्रदर्शन

आंदोलनरत जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मूलभूत सुविधाओं को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। डॉक्टरों ने बताया कि हॉस्टल की कमी सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है। प्रथम वर्ष के कई छात्रों को अब तक हॉस्टल आवंटित नहीं किया गया है, जबकि पुराने हॉस्टल भवन जर्जर अवस्था में हैं। इसके अलावा मेस की व्यवस्था, हॉस्टल में एयर कंडीशनिंग सुविधा, अस्पताल परिसर की टूटी सड़कें और जल निकासी की बदहाल व्यवस्था भी उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं। उनका आरोप है कि बार-बार शिकायत और मांग पत्र देने के बावजूद प्रशासन की ओर से ठोस पहल नहीं की गई, जिसके कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

प्रशासन ने बातचीत से समाधान का दिया भरोसा

जूनियर डॉक्टरों के आंदोलन का असर केवल ओपीडी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि रजिस्ट्रेशन और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हुईं। इससे मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी देखी गई। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि स्थिति को सामान्य बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अस्पताल अधीक्षक डॉ. प्रवीण कुमार अग्रवाल ने बताया कि जूनियर डॉक्टरों के प्रतिनिधियों से बातचीत जारी है और उनकी मांगों के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही वार्ता के माध्यम से समाधान निकाल लिया जाएगा और स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह बहाल हो जाएंगी। फिलहाल डॉक्टरों की मांगों और मरीजों की परेशानियों के बीच अस्पताल प्रशासन के सामने व्यवस्था को सामान्य बनाए रखना बड़ी चुनौती बना हुआ है।

इसे भी पढ़ें – वर्दी का रौब, ठगी का खेल: सुगौली में फर्जी पुलिसकर्मी गिरफ्तार, लूट की साजिश नाकाम

Source link



Source link

Leave A Reply

Your email address will not be published.