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विक्रमशिला सेतु संकट के बीच बड़ी राहत, भागलपुर में गंगा पार नाव-स्टीमर सेवा आज से पूरी तरह मुफ्त


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 

शंभू भगत / भागलपुर –  भागलपुर में विक्रमशिला सेतु पर उत्पन्न आवागमन संकट के बीच बिहार सरकार ने आम लोगों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर गंगा नदी पार करने के लिए संचालित नाव और स्टीमर सेवा को पूरी तरह निशुल्क कर दिया गया है। इस निर्णय का उद्देश्य उन हजारों लोगों को राहत पहुंचाना है जो प्रतिदिन गंगा के दोनों किनारों के बीच आवागमन करते हैं। सरकार के इस फैसले से विशेष रूप से नवगछिया, दियारा क्षेत्र और भागलपुर के बीच यात्रा करने वाले छात्रों, किसानों, मजदूरों और नौकरीपेशा लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। लंबे समय से लोग आवागमन में हो रही परेशानियों और बढ़ते खर्च को लेकर चिंता जता रहे थे, जिसे देखते हुए सरकार ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

हाईलाइट्स – 

  • विक्रमशिला सेतु संकट के बीच बिहार सरकार का बड़ा फैसला।
  • भागलपुर में गंगा पार नाव और स्टीमर सेवा पूरी तरह निशुल्क।
  • पैदल यात्री, बाइक और निजी चारपहिया वाहन चालकों से नहीं लिया जाएगा शुल्क।
  • नाविकों और एजेंसियों के राजस्व की भरपाई सरकार करेगी।
  • अवैध वसूली की शिकायत मिलने पर एफआईआर और सख्त कार्रवाई होगी।

 

बरारी घाट पहुंचकर डीएम ने की बैठक, मुफ्त सेवा की घोषणा

मुख्यमंत्री के निर्देश को तत्काल प्रभाव से लागू करने के लिए सोमवार को भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी स्वयं बरारी घाट पहुंचे। यहां उन्होंने नाविकों, घाट संवेदकों और परिवहन एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक के बाद जिलाधिकारी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि बरारी घाट से गंगा के इस पार और उस पार जाने वाले सभी आम नागरिकों, पैदल यात्रियों, बाइक सवारों तथा निजी चारपहिया वाहनों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सुविधा पूरी तरह निशुल्क रहेगी और इसका खर्च बिहार सरकार वहन करेगी। डीएम ने नाविकों और निजी एजेंसियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनके राजस्व की भरपाई सरकार द्वारा की जाएगी, इसलिए किसी को आर्थिक नुकसान की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

रोजाना 200 रुपये तक की होगी बचत, अवैध वसूली पर होगी कार्रवाई

जिलाधिकारी ने बताया कि अब तक प्रति व्यक्ति और बाइक के लिए 50-50 रुपये शुल्क लिया जाता था। ऐसे में प्रतिदिन आने-जाने वाले लोगों को लगभग 200 रुपये तक खर्च करने पड़ते थे। सरकार के इस फैसले के बाद लोगों की जेब पर पड़ने वाला अतिरिक्त बोझ खत्म हो जाएगा। उन्होंने घाट पर तैनात अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसी भी यात्री से अवैध रूप से पैसे वसूलने की शिकायत मिलती है तो संबंधित नाविक या एजेंसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन लगातार व्यवस्था की निगरानी करेगा ताकि आम लोगों को सरकार द्वारा दी गई इस राहत का पूरा लाभ मिल सके। स्थानीय लोगों ने भी सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे जनहित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया है।

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