न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
साकेत कुमार / पटना: अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने युवाओं की शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण, रोजगार और बिहार के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की। मुख्यमंत्री ने संस्थान में लर्निंग मैनेजमेंट की पढ़ाई की शुरुआत की और संस्थान के टॉपर छात्रों को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया। बुधवार को एलएन मिश्रा इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक डेवलपमेंट एंड सोशल चेंज में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। उन्होंने कहा, बिहार के युवाओं को दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना होगा और इसके लिए तकनीक, कंप्यूटर, मोबाइल और अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की जानकारी बेहद जरूरी है।
हर साल विदेश भेजे जाएंगे 100 बच्चे
मुख्यमंत्री ने कहा, सरकार की कोशिश होगी कि हर साल बिहार के 100 बच्चे विदेश जाकर प्रशिक्षण हासिल करें। बिहार के युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। उनका लक्ष्य है कि बिहार के संस्थानों से निकलने वाले बच्चों की प्रतिभा का लाभ बिहार को मिले और राज्य का गौरव फिर से लौटे। मुख्यमंत्री ने कहा, दुनिया तेजी से बदल रही है। आज तकनीक का दौर है और बिना कंप्यूटर एवं मोबाइल के दुनिया के साथ चलना मुश्किल है। अब AI का दौर आ चुका है और युवाओं को इसके साथ आगे बढ़ना होगा।
15 अगस्त से मिलेगी ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा
सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था करने की कोशिश कर रही है कि 15 अगस्त से जिन बच्चों को शिक्षक की तलाश हो, उन्हें ऐप के माध्यम से ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा मिल सके। इसके जरिए छात्रों को उनकी जरूरत के मुताबिक शिक्षण सामग्री और पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जीवन में बदलाव तभी आएगा, जब हम दुनिया के साथ चलेंगे। बिहार के बच्चों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।
‘गंगा से ग्लोबल’ बनाने का लक्ष्य
सम्राट चौधरी ने आगे कहा कि सरकार की कोशिश है कि ‘गंगा से ग्लोबल’ बिहार की पहचान बने। बिहार के संस्थानों से शिक्षा लेकर निकलने वाले बच्चे देश-दुनिया में बड़े पदों पर पहुंचें और उनकी सफलता का फायदा बिहार को भी मिले, सरकार इस दिशा में काम कर रही है।
