न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
रोहित कुमार / मुंगेर: सावन में आपने कांवड़ियों को पैदल चलते तो खूब देखा होगा, लेकिन आज हम आपको एक ऐसे शिवभक्त से मिलवाते हैं, जिसकी भक्ति देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे। यह शिवभक्त पैरों पर नहीं, बल्कि हाथों के सहारे 105 किलोमीटर की यात्रा कर बाबाधाम जा रहे हैं। शरीर बिच्छू की तरह और जुबां पर भोलेनाथ का नाम लेकर आगे बढ़ते जा रहे हैं। ये हैं पश्चिम बंगाल के राजकुमार महतो, जिन्हें लोग अब ‘बिच्छू बम’ के नाम से जान रहे हैं।
दरअसल पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर के रहने वाले 28 वर्षीय राजकुमार महतो सुल्तानगंज से बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) तक करीब 105 किलोमीटर की कठिन यात्रा पर निकले हैं। खास बात ये है कि राजकुमार पैरों के सहारे नहीं, बल्कि दोनों हाथों पर अपने शरीर का संतुलन बनाकर आगे बढ़ रहे हैं। दोनों पैर हवा में ऊपर पूरा शरीर हाथों के सहारे और कदम-कदम पर भोलेनाथ का नाम। उनकी ये मुद्रा बिल्कुल बिच्छू जैसी दिखाई देती है, इसी वजह से श्रद्धालु उन्हें ‘बिच्छू बम’ कह रहे हैं। सबसे खास बात ये है कि राजकुमार महतो पहली बार ऐसा नहीं कर रहे हैं। वह दूसरी बार हाथों के सहारे सुल्तानगंज से बाबाधाम की यात्रा पर निकले हैं। यानी पिछले अनुभव के बाद एक बार फिर उन्होंने इसी कठिन साधना को दोहराने का संकल्प लिया है।
कांवड़िया पथ पर जब राजकुमार इस तरह आगे बढ़ते हैं तो उन्हें देखने के लिए श्रद्धालुओं की नजरें ठहर जाती हैं। कोई उनकी तस्वीर ले रहा है, तो कोई हर-हर महादेव का जयकारा लगाकर उनका हौसला बढ़ा रहा है। 105 किलोमीटर की ये यात्रा आसान नहीं और ये लगातार 20 दिनों से ऐसे चल रहे हैं और एक दिन में ये लगभग 1.5 किलो मीटर ही हाथों के सहारे चल पाते हैं लेकिन राजकुमार महतो के लिए ये सिर्फ सफर नहीं, बल्कि भोलेनाथ के प्रति आस्था, संकल्प और तपस्या है। हाथों के बल आगे बढ़ता ये ‘बिच्छू बम’ अब कांवड़िया पथ पर आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
