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लारा प्रोजेक्ट्स मनी लॉन्ड्रिंग मामला


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 
रोहित / पटना :
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को लारा प्रोजेक्ट्स मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया। कोर्ट ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ अब 27 अगस्त को इस मामले में आदेश सुनाएगी।

यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 3 और 4 के तहत दायर अभियोजन शिकायत पर आधारित है। इस केस में 16 आरोपी नामजद हैं जिनमें जिनमें तीन कंपनियां भी शामिल हैं। मामला IRCTC होटल टेंडर घोटाले से जुड़ा है। ईडी ने यह जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज मूल आपराधिक मामले के आधार पर शुरू की थी।

क्या है मामला?

यह मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि रांची और पुरी स्थित दो रेलवे होटलों के संचालन का ठेका देने की प्रक्रिया में अनियमितताएं की गईं और टेंडर सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के पक्ष में प्रभावित किया गया।

CBI का आरोप है कि इस कथित सौदे के बदले जमीन से जुड़े लेनदेन किए गए जिनमें डिलाइट मार्केटिंग कंपनी (जिसका बाद में नाम बदलकर लारा प्रोजेक्ट्स LLP कर दिया गया) का इस्तेमाल किया गया। एजेंसी का दावा है कि यह रेलवे होटल टेंडर दिलाने की व्यापक साजिश का हिस्सा था।

CBI केस के बाद ईडी ने ECIR दर्ज कर मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की। जांच के बाद ईडी ने लारा प्रोजेक्ट्स LLP, उसके निदेशकों और शेयरधारकों के खिलाफ PMLA के तहत शिकायत दायर की। हालांकि ईडी का मामला CBI की आपराधिक जांच से अलग है। लेकिन दोनों एक ही आरोपों से जुड़े हैं।

इससे पहले CBI मामले में दिल्ली की एक ट्रायल कोर्ट लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और लारा प्रोजेक्ट्स समेत कई आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी जैसी धाराओं में आरोप तय कर चुकी है। वहीं सभी आरोपियों ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है और अभियोजन की कार्रवाई को चुनौती दी है।

अब राउज एवेन्यू कोर्ट को यह तय करना है कि क्या ईडी द्वारा पेश किए गए सबूत और दस्तावेज इतने पर्याप्त हैं कि आरोप तय कर मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ाई जाए। अगर अदालत आरोप तय करती है तो मुकदमा ट्रायल के चरण में पहुंच जाएगा जबकि आरोपमुक्त किए जाने की स्थिति में संबंधित आरोपी के खिलाफ इस स्तर पर कार्यवाही आगे नहीं बढ़ेगी। अदालत इस बारे में 27 अगस्त को अपना आदेश सुनाएगी।

बिहार में पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के आवास के बाहर शनिवार की सुबह एक भी सुरक्षाकर्मी नहीं दिखे। उन्होंने पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित अपने सरकारी आवास के बाहर तैनात सभी सुरक्षाकर्मियों को वापस भेज दिया है। दरअसल, बिहार सरकार ने लालू यादव और राबड़ी देवी को मिली Z+ सुरक्षा वापस ले ली है।
 

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